मालवा मील अग्रवाल पंचायत द्वारा चल रहे भागवत ज्ञान यज्ञ में राम जन्मोत्सव के पश्चात आरती करते समाज बंधु।

मालवा मील अग्रवाल पंचायत द्वारा चल रहे भागवत ज्ञान यज्ञ में राम जन्मोत्सव के पश्चात आरती करते समाज बंधु।

मालवा मील अग्रवाल पंचायत द्वारा चल रहे भागवत ज्ञान यज्ञ में राम जन्मोत्सव के पश्चात आरती करते समाज बंधु।

मालवा मील अग्रवाल पंचायत की कथा में धूमधाम से 
मनाया गया राम जन्मोत्सव, आज कृष्ण जन्म मनेगा
अग्रवाल धर्मशाला पर भागवत ज्ञान यज्ञ में पहुँच रहे शहर की पूर्वी क्षेत्र की 40 कॉलोनियों के श्रद्धालु 

इंदौर। श्री मालवा मील अग्रवाल पंचायत की मेजबानी में अग्रवाल धर्मशाला, वाय एन रोड पर चल रहे भागवत ज्ञान यज्ञ में गुरुवार को प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। पंचायत के अध्यक्ष गोविन्द गर्ग, मंत्री सुशील अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान के प्रख्यात भागवताचार्य पं. सतीशचन्द्र शर्मा ने कथा के दौरान प्रभु श्रीराम के चरित्र का गुणगान करते हुए अपने भजनों की गंगा से श्र्द्धालुओं को मंत्रमुग्ध बनाए रखा। महिलाओं द्वारा अपने-अपने घरों से आटे की पंजेरी का प्रसाद एवं अन्य व्यंजनों का प्रसाद समर्पित किया गया। 
                 कथा संयोजक राजेश अग्रवाल, अर्पण गर्ग, उमेश मंगल, महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती मोनिका पोत्दार, गणेश गोयल, संतोष गोयल, पत्रकार विमल गर्ग, गोपाल सीताराम अग्रवाल, राधेश्याम सेनी, सतीश मंगल, सुरेश मित्तल, गोविन्द मित्तल, गोविन्द सिंघल, मोहन अग्रवाल सुखलिया, हरगोविंद मित्तल आदि ने व्यास पीठ का पूजन किया। श्रीराम जन्मोत्सव के बाद भागवतजी की आरती में समूचे क्षेत्र के नागरिकों ने जयघोष के बीच अपनी भागीदारी दर्ज कराई। मंच का संचालन सुभाष अग्रवाल ने किया और आभार माना कल्याण अग्रवाल ने। कथा 1 जून तक प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक होगी। इस ज्ञान यज्ञ में मालवा मील क्षेत्र से जुड़ी क्षेत्र की 40 कॉलोनियों एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु भागीदार बन रहे हैं।
              आज कृष्ण जन्मोत्सव– भागवत कथा में शुक्रवार 29 मई को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 30 को गोवर्धन पूजन एवं 56 भोग दर्शन, 31 को रुक्मणी विवाह तथा सोमवार 1 जून को सुदामा चरित्र की कथा के साथ भागवत महापूजन एवं यज्ञ हवन के बीच शुकदेवजी की बिदाई के साथ समापन होगा। श्रीकृष्ण जन्म का उत्सव फूलों की होली के साथ मनाया जाएगा। रुक्मणी विवाह के लिए श्रद्धालुओं से हल्दी-मेहँदी लगाकर आने का आग्रह किया गया है।