नशे से दूरी है जरूरी' का संदेश, नशे से नहीं, सपनों से जुड़ें

नशे से दूरी है जरूरी' का संदेश, नशे से नहीं, सपनों से जुड़ें

नशे से दूरी है जरूरी' का संदेश, नशे से नहीं, सपनों से जुड़ें

मालवांचल यूनिवर्सिटी व इंडेक्स समूह संस्थानों में इंदौर पुलिस का जागरूकता अभियान, रैली, नुक्कड़ नाटक और सेमिनार के माध्यम से विद्यार्थियों को किया जागरूक

इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार के 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान के तहत मालवांचल यूनिवर्सिटी एवं इंडेक्स समूह संस्थानों में इंदौर पुलिस द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। सेमिनार, रैली, नुक्कड़ नाटक और पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में इंडेक्स मेडिकल कॉलेज,आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, लॉ , मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, डेंटल एवं नर्सिंग कॉलेज सहित विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
 स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की ममता कामले ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का जीवन ही बर्बाद नहीं करता, बल्कि कई बार उसे अपराध की दुनिया की ओर भी धकेल देता है। उन्होंने कहा कि समाज में होने वाली अनेक गंभीर और वीभत्स घटनाओं के पीछे नशा एक प्रमुख कारण बनकर सामने आता है। युवाओं को यह समझना होगा कि नशे की लत उनके करियर, परिवार और भविष्य तीनों को प्रभावित करती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अनेक सपने देखते हैं, लेकिन नशे की आदत उन सपनों को पलभर में चकनाचूर कर सकती है। इसलिए प्रत्येक युवा का यह दायित्व है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और अपने मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करे। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

रैली और नुक्कड़ नाटक से दिया प्रभावी संदेश

इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों ने परिसर में जागरूकता रैली निकालकर नशामुक्त समाज का संदेश दिया। इस दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे से होने वाले दुष्परिणामों का प्रभावी मंचन किया गया। वहीं इंडेक्स फार्मेसी कॉलेज में 'नशे से दूरी है जरूरी' विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने आकर्षक पोस्टरों के माध्यम से जनजागरूकता का संदेश दिया। इंडेक्स लॉ कॉलेज एवं इंडेक्स डेंटल कॉलेज में आयोजित सेमिनार में विशेषज्ञों ने कहा कि नशे की रोकथाम केवल रैलियों और कार्यशालाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि परिवार, मित्र या परिचित में कोई व्यक्ति पहले की तुलना में अधिक परेशान, अकेला या व्यवहार में असामान्य दिखाई दे तो उसकी समय पर काउंसलिंग और भावनात्मक सहयोग कर उसे नशे की गिरफ्त से बाहर लाने का प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम में कुलपति डॉ. संजीव नारंग, डॉ. प्राजक्ता तोमर, डॉ. सी.एल. यादव, डॉ. आर.सी. यादव, एच.एन. सिंह, डॉ. रौसेया कनपर्ती, प्राचार्य डॉ. जावेद खान, डॉ. एस.के. निराला, धीरज जायसवाल, डॉ. अजय मिश्रा,एसटीएफ से ओम क्षीरसागर, सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।