जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही घायल महिला के लिए देवदूत बने थे यातायात आरक्षक सुमंत सिंह कछावा
जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही घायल महिला के लिए देवदूत बने थे यातायात आरक्षक सुमंत सिंह कछावा
- तत्परता दिखाकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया और समय पर उपचार मिलने से बची थी महिला की जान
- पुलिस कमिश्नर इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह ने सराहनीय कार्य के लिए किया पुरस्कृत
इंदौर शहर में यातायात व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए यातायात पुलिस के आरक्षक श्री सुमंत सिंह कछावा ने कर्तव्यपरायणता एवं तत्परता का परिचय देते हुए जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही एक घायल महिला की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
दिनाँक 9 सितंबर को पलासिया चौराहे के पास घटना के दौरान घायल महिला की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। यातायात आरक्षक सुमंत सिंह कछावा ने बिना समय गंवाए तत्काल मानवीय संवेदना एवं कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। समय पर अस्पताल पहुंचने एवं तत्काल उपचार मिलने से महिला की जान बचाई जा सकी।
पुलिस कमिश्नर इंदौर संतोष कुमार सिंह द्वारा आरक्षक सुमंत सिंह कछावा की तत्परता एवं मानवीय कार्य की सराहना करते हुए पदीय कर्तव्यों के दायित्व के निर्वहन में सराहनीय व्यावसायिक दक्षता का प्रदर्शन करने के लिए प्रशंसा स्वरूप पुरस्कृत किया गया।
यातायात पुलिस के जवानों द्वारा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं एवं आपात परिस्थितियों में आम नागरिकों की सहायता के लिए भी निरंतर तत्परता से कार्य किया जा रहा है।


