पंचकुईया भूतेश्वर महादेव का 24 घंटे हो रहा 1 लाख बिल्व पत्रों से अर्चन
पंचकुईया भूतेश्वर महादेव का 24 घंटे हो रहा 1 लाख बिल्व पत्रों से अर्चन,
समूचा क्षेत्र हो रहा भोले की भक्ति और मंत्रो से गुंजायमान
पहले सोमवार को आम श्रद्धालुओं ने भी की बिल्व पत्र से पूजा-अर्चना, जुटने लगा भक्तों का मेला
इन्दौर। पंचकुइया स्थित श्री भूतेश्वर महादेव मन्दिर पर सावन के पहले दिन से चल रहे सर्व मनोकामना सिद्धिप्रद अहर्निश लक्ष्य बिल्वार्चन चिंतामणि महाप्रयोग के अनूठे आयोजन में देशभर से आए विद्वानों, आचार्यों और ब्राह्मणों के सानिध्य में प्रतिदिन 24 घंटे शास्त्रोक्त मंत्रोच्चार के बीच 1 लाख बिल्व पत्र से लगातार रुद्राभिषेक, रुद्रपाठ एवं शिव आराधना से समूचा पंचकुईया क्षेत्र गुंजायमान हो रहा है। श्रावण के पहले सोमवार को यहाँ दिनभर भक्तों का मेला जुटा रहा जिन्होंने भगवान शिव को बिल्व पत्र समर्पित करने का पुण्य लाभ भी उठाया। यहाँ प्राचीन भूतेश्वर महादेव के साथ सात अन्य पार्थिव शिवलिंग भी स्थापित किए गए हैं जहाँ दो -दो घंटे की बारह पारियों में भगवान भूतेश्वर को प्रतिदिन 1 लाख बिल्व पत्र समर्पित कर साधकों के परिवार, समाज और राष्ट्र में सुख शांति एवं सदभाव के साथ ही सुखद वर्षा की प्रार्थना भी की जा रही है। सावन के पहले सोमवार पर आज भगवान भूतेश्वर का बिल्व पत्रों से ही अनुपम श्रृंगार किया गया।
भूतेश्वर महादेव मंदिर के प्रमुख पं. हरीशानंद तिवारी एवं पं. यतीन्द्र तिवारी ने बताया कि मंदिर पर अष्ट प्रहर पूजा का क्रम डॉ. विनायक पाण्डे के आचार्यत्व में चल रहा है जिसमें ॐ हौं जूं सः महामंत्र के साथ ही महाभारत में उल्लेखित शिव आराधना के मंत्रों तथा ओम नमः शिवाय, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर एवं अन्य सभी ज्योतिर्लिंगों के नाम से बिल्व पत्र समर्पित किए जा रहे हैं। ओंकारेश्वर, उज्जैन तथा शहर की संस्कृत एवं वेद - वेदांग पाठ शालाओं के वेदपाठी ब्राह्मण, बटुक भी यहाँ आमंत्रित किए गए है जो दो-दो घंटे बारह पारियों में इस अनुष्ठान को संपादित कर रहे हैं। प्रत्येक ब्राह्मण एक घंटे में एक हजार बिल्व पत्र से अर्चना कर रहा है। इस तरह आठ शिवलिंग पर प्रत्येक ब्राह्मण प्रतिघंटे 8 हजार बिल्व पत्र समर्पित कर 12 घंटों में 96 हजार तथा शेष 4 हजार बिल्व पत्रों की पूर्ति के लिए दर्शनार्थी एवं भक्तों की गणना की जा रही है।
नर्मदा किनारे से लाए बिल्व पत्र -इतनी बड़ी संख्या में बिल्वपत्र के लिए नर्मदा किनारे स्थित बिल्व पत्र के वृक्षों को चिन्हित कर बिल्वपत्रों का संग्रहण कर उन्हें मंदिर परिसर में ही अस्थाई कोल्ड स्टोरेज बना कर रखवा दिया गया है। आम श्रद्धालु भी यहां बड़ी संख्या में आ कर बिल्व पत्र की सफाई, छटनी और सजावट कर इस अनुष्ठान का लाभ उठा रहे है।
आम श्रद्धालु भी कर सकेंगे अर्चना – प. यतीन्द्र तिवारी ने बताया कि आम श्रद्धालु भी यहाँ आकर निशुल्क बिल्व पत्र अर्चना में शामिल हो सकते हैं। भक्तों के लिए रोजाना सुबह 6 से दोपहर 12 बजे एवं संध्या को भी शाम 6 से रात 10 तक का समय निर्धारित किया गया है। रोजाना हजारों श्रद्धालु यहां आ कर शिव पूजा का लाभ उठा रहे हैं। देश में पहली बार इंदौर में भूतेश्वर महादेव पर इस तरह का अनुष्ठान हो रहा है जिसके दर्शनार्थ भक्तों का मेला जुटने लगा है।


