गंगा दशहरे पर सैकड़ों नागरिकों ने ली पानी की एक-एक बूंद बचाने और पवित्र नदियों को स्वच्छ रखने की शपथ
गंगा दशहरे पर सैकड़ों नागरिकों ने ली पानी की एक-एक बूंद बचाने और पवित्र नदियों को स्वच्छ रखने की शपथ
श्रद्धा सुमन सेवा समिति द्वारा पंचकुइया राम मंदिर पर गंगा पूजन के आयोजन में पहुंचे अनेक महामंडलेश्वर एवं संत
इंदौर। श्रद्धा सुमन सेवा समिति द्वारा गंगा दशहरे के उपलक्ष्य में पंचकुइया स्थित प्राचीन गंगा बगीची पर गंगा पूजन कार्यक्रम का अनूठा आयोजन महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी चेतन स्वरूप, महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज एवं वरिष्ठ संत राजानंद महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुआ जिसमें पानी की एक-एक बूंद की बचत करने तथा नदियों, बावड़ियों और कुओं के जल को स्वच्छ रखकर पर्यावरण संवर्धन के लिए वर्षाकाल में अपने घर-आंगन में पौधे रोपने जैसे अभिनव संकल्प भी लिए गए।
श्रद्धा सुमन सेवा समिति के अध्यक्ष हरि अग्रवाल, राजेन्द्र सोनी एवं राजेन्द्र गर्ग ने बताया कि गंगा दशहरे के उपलक्ष्य में प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी गंगा पूजन तथा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण का यह कार्यक्रम पंचकुइया स्थित प्राचीन गंगा बगीची पर शहर के प्रमुख संत-विद्वानों के सानिध्य में आयोजित किया गया। प्रारंभ में सभी सदस्यों ने गंगा मैया का पूजन-अभिषेक किया। इस अवसर पर संतों ने समिति के सदस्यों और उपस्थित नागरिकों को पानी की महत्ता बताते हुए उन्हें संकल्प दिलाए। इस अवसर पर विभिन्न संगठनों की ओर से डॉ. चेतन सेठिया, विनय जैन, मुरली धामानी, महेंद्र विजयवर्गीय, सूरजसिंह राठोर, दीपक शर्मा, गोकुल पसारी, अशोक बंग, पुरुषोत्तम मेडतवाल, मोहनलाल वर्मा, त्रिलोकीनाथ गुप्ता, हरीश नागोरी, अरविन्द बामनिया, किशोर दोरकर, राजेश कायत, राजू पोरवाल, दिलीप साहू आदि ने गंगा जल से अभिषेक किया और महाआरती में भाग लिया। इस मौके पर मातृशक्ति की ओर से सुश्री किरण ओझा, राजकुमारी मिश्रा, सीमा सेन, पुष्पा यादव, मंजू सोनी, चंदा तिवारी, साक्षी सेन आदि ने गंगा मैया के जयघोष के बीच पर्यावरण संरक्षण की शपथ ग्रहण की। संचालन हरि अग्रवाल ने किया और आभार माना मुरली धामानी ने।
महामंडलेश्वर पवनदास महाराज ने इस मौके पर पर्यावरण और प्रकृति का महत्व बताते हुए कहा कि पानी की एक-एक बूंद का संरक्षण जरुरी है। नदियों एवं अन्य प्राकृतिक जल स्त्रोतों को स्वच्छ रखना तथा वर्षाकाल में अपने आसपास उपयुक्त स्थान पर कम से कम एक-एक पौधा लगाना हमारा नैतिक दायित्व होना चाहिए। महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी चेतन स्वरूप एवं अन्य संतों ने भी गंगा की महत्ता बताते हुए देश की सभी नदियों को साफ-सुथरा एवं निर्मल बनाए रखने का आव्हान किया।


