नृत्यार्पण’ में कथक के जरिए साकार हुई भक्ति और भारतीय संस्कृ
*‘नृत्यार्पण’ में कथक के जरिए साकार हुई भक्ति और भारतीय संस्कृति*
राम, कृष्ण, शिव और दुर्गा की स्तुति पर नृत्य प्रस्तुतियों ने मोहा मन, गुरु पूजन रहा मुख्य आकर्षण
इंदौर। *संस्था नाच क्वींस द्वारा* आयोजित *‘नृत्यार्पण* ’ कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक की मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से भक्ति, साधना और भारतीय संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में चार वर्ष से *लेकर 40 वर्ष तक की* नृत्यांगनाओं ने शुद्ध कथक की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
*कार्यक्रम में भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, भगवान शिव एवं माँ दुर्गा की स्तुति और भजनों पर* आधारित नृत्य प्रस्तुतियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रत्येक प्रस्तुति में नृत्य की शास्त्रीय गरिमा, भावाभिव्यक्ति और आध्यात्मिक अनुभूति का मनोहारी समन्वय दिखाई दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गुरु पूजन रहा, जिसने भारतीय गुरु- *शिष्य परंपरा, श्रद्धा और समर्पण के महत्व को रेखांकित किया।
*संस्था* की संस्थापिका *अपूर्वा गुप्ता, आशी पटेल* *और हर्षिता गुप्ता* ने कहा कि" भारतीय संस्कृति और भगवान की आराधना के लिए नृत्य एवं संगीत सर्वश्रेष्ठ माध्यम हैं। इनके माध्यम से आध्यात्मिक भावों की अभिव्यक्ति के साथ नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर मिलता है"।
कार्यक्रम में संचालन अनीता गुप्ता आभार आशी पटेल द्वारा किया गया।
*कार्यक्रम में 400 से अधिक* दर्शक उपस्थित रहे और उन्होंने नृत्यांगनाओं की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। *‘नृत्यार्पण’ ने कथक की* शास्त्रीय परंपरा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को समर्पित एक यादगार सांस्कृतिक आयोजन के रूप में अपनी छाप छोड़ी।


