विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल की इंदौर विभाग बैठक संपन्न

विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल की इंदौर विभाग बैठक संपन्न

विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल की इंदौर विभाग बैठक संपन्न

नए कार्यकर्ताओं को सौंपे गए दायित्व, प्रांत संगठन मंत्री खगेंद्र भार्गव ने किया मार्गदर्शन

इंदौर। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के प्रचार प्रमुख अन्नु गेहलोत ने बताया इंदौर विभाग की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में बद्रीनाथ एवं जगन्नाथ जिलों के कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। इस अवसर पर संगठन के नए कार्यकर्ताओं को नवीन दायित्व सौंपे गए तथा संगठन के आगामी कार्यों और सामाजिक गतिविधियों को लेकर मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रांत संगठन मंत्री खगेंद्र भार्गव ने कहा कि दायित्व मिलने के साथ व्यक्ति के व्यवहार, वाणी और आचरण में भी उस दायित्व की गरिमा दिखाई देनी चाहिए। पद प्रदर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। संगठन की प्रतिष्ठा पद से नहीं, बल्कि कार्यकर्ता के कार्य, व्यवहार और आचरण से बनती है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को समय-समय पर आत्मचिंतन और आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। यदि किसी दायित्व के लिए स्वयं को अभी पूरी तरह योग्य न समझें, तो उस दायित्व के योग्य बनने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता की पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसके निरंतर कार्य से होती है।

खगेंद्र भार्गव ने कार्यकर्ताओं को प्रसिद्धि की इच्छा से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि प्रसिद्धि क्षणिक होती है, जबकि अच्छे कर्मों से अर्जित कीर्ति लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने कहा, “हमें प्रसिद्ध नहीं बनना है, हमें कीर्तिमान कार्य करना है।” कार्यकर्ताओं को समाज और संगठन के लिए निष्ठा, समर्पण एवं निरंतरता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज के सामने अनेक चुनौतियाँ हैं और ऐसे समय में संगठन के कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। सेवा, जनजागरण, सामाजिक कार्य तथा संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से समाज के बीच निरंतर सक्रिय रहना आवश्यक है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आत्मबल और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा कि निरंतर कार्य करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति की नेतृत्व क्षमता मजबूत होती है। साथ ही जीवन में आत्मचिंतन, आत्मसंयम, क्षमा और सेवा जैसे गुणों को अपनाना आवश्यक है।

भगवान श्रीराम के जीवन को आदर्श बताते हुए उन्होंने कहा कि परिस्थितियाँ कैसी भी हों, व्यक्ति को अपनी मर्यादा, धैर्य और आदर्श आचरण नहीं छोड़ना चाहिए। यदि जीवन में भूल-चूक हो जाए तो क्षमा माँगने में संकोच नहीं करना चाहिए और दूसरों की गलतियों को भी क्षमा करने का प्रयास करना चाहिए।

बैठक के अंत में कार्यकर्ताओं ने संगठन के दायित्वों को पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ निभाते हुए समाज एवं राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम से मुख्य रूप से विभाग मंत्री यज्ञेश राठी विभाग संयोजक प्रवीण दरेकर जिला मंत्री उत्तम वाडिया मुख्य रूप से उपस्थित