दूध की लागत बढ़ी, किसानों ने 65 रुपए लीटर खरीद मूल्य की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

दूध की लागत बढ़ी, किसानों ने 65 रुपए लीटर खरीद मूल्य की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
दूध की लागत बढ़ी, किसानों ने 65 रुपए लीटर खरीद मूल्य की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

नई दूध दर तय होने से पहले किसानों ने खोला मोर्चा, कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

इंदौर। 1 सितंबर से दूध की नई दरें तय होने से पहले दूध उत्पादक किसानों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उत्पादन लागत में लगातार बढ़ोतरी और किसानों को कम खरीद मूल्य मिलने का आरोप लगाते हुए किसान शोषण विरोधी मंच के नेतृत्व में किसानों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने दूध का खरीद मूल्य बढ़ाकर 65 रुपए प्रति लीटर किए जाने की मांग की है।

इससे पहले सोमवार शाम इंदौर बाईपास स्थित झालरिया में किसान शोषण विरोधी मंच की ओर से दूध उत्पादक किसानों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में दिलीप सिंह पवार और महेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में दूध उत्पादक किसान मौजूद रहे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि दूध उत्पादन में आने वाली वास्तविक लागत और किसानों की मेहनत को ध्यान में रखते हुए सरकार और प्रशासन के समक्ष 65 रुपए प्रति लीटर खरीद मूल्य की मांग मजबूती से रखी जाएगी। इसी मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया।

लागत बढ़ी, खरीद मूल्य पर किसानों का विरोध

किसानों का कहना है कि पशुओं की कीमत से लेकर खली-भूसा, चारा, दवाइयों और मजदूरी तक की लागत लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद गांवों से दूध खरीदने वाले व्यापारियों द्वारा किसानों को करीब 45 से 55 रुपए प्रति लीटर तक का भुगतान किया जा रहा है। किसानों का दावा है कि मौजूदा दरों में दूध उत्पादन की वास्तविक लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

किसान शेर सिंह, दिलीप सिंह, महेंद्र सिंह और लक्ष्मण सिंह सहित अन्य किसानों ने कहा कि दूध की नई दर तय करते समय उत्पादकों की लागत और उनकी मेहनत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसानों ने सरकार से मांग की है कि खरीद मूल्य ऐसा तय किया जाए, जिससे दूध उत्पादन किसानों के लिए आर्थिक रूप से टिकाऊ रह सके।

शहर में 65 से 70 रुपए लीटर बिक रहा दूध

किसानों ने यह भी कहा कि जिस दूध के लिए उन्हें गांवों में 45 से 55 रुपए प्रति लीटर तक मिल रहे हैं, वही दूध शहर में उपभोक्ताओं को करीब 65 से 70 रुपए प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है। किसानों के अनुसार खरीद मूल्य और उपभोक्ता मूल्य के बीच का यह अंतर भी उनकी चिंता का प्रमुख कारण है।

व्यापारियों का कहना—फैट के आधार पर हो रहा भुगतान

वहीं व्यापारियों का कहना है कि दूध की गुणवत्ता और फैट के आधार पर करीब 9.50 रुपए प्रति फैट की दर से किसानों को भुगतान किया जा रहा है। व्यापारियों की ओर से यह भी कहा गया है कि आगामी दो-तीन दिनों में होने वाली बैठक में किसानों के साथ दूध के नए खरीद मूल्य को लेकर चर्चा प्रस्तावित है।

किसानों ने स्पष्ट किया है कि नई दर तय करते समय केवल बाजार और व्यापारियों के पक्ष को नहीं, बल्कि दूध उत्पादन में आने वाली वास्तविक लागत को भी आधार बनाया जाए और किसानों को उचित खरीद मूल्य सुनिश्चित किया जाए।