विश्व हृदय दिवस: स्वस्थ दिल की नींव बचपन से रखने की जरूरत
विश्व हृदय दिवस: स्वस्थ दिल की नींव बचपन से रखने की जरूरत
इंदौर। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर शहर की वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ एवं प्रोफेसर डॉ. प्रियंका जैन ने बच्चों में बढ़ते अधिक वजन, मोटापे और उससे जुड़े हृदय स्वास्थ्य जोखिमों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 4 से 10 प्रतिशत बच्चे अधिक वजन या मोटापे से प्रभावित हैं। शहरी और अपेक्षाकृत संपन्न आबादी में यह समस्या और अधिक देखने को मिल रही है।
डॉ. प्रियंका जैन एमबीबीएस, एमडी वरिष्ठ कंसल्टेंट बाल रोग विशेषज्ञ एवं एसोसिएट प्रोफेसर बचपन किड्स केयर क्लिनिक, गीताभवन चौराहा, इंदौर ने बताया कि बच्चों में कोलेस्ट्रॉल संबंधी विकार भी चिंता का विषय हैं, जिनका संबंध मोटापे और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली से हो सकता है। उन्होंने कहा कि वयस्कों की तरह बच्चों में भी उच्च रक्तचाप (Hypertension) कई बार बिना स्पष्ट लक्षणों के रह सकता है। भारत में लगभग 7 प्रतिशत बच्चों में उच्च रक्तचाप पाया जाता है, जबकि मोटापे से ग्रस्त बच्चों में इसका जोखिम 3 से 4 गुना तक अधिक हो सकता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों में मधुमेह के कई मामले ऑटोइम्यून कारणों से जुड़े होते हैं, लेकिन बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधि की कमी और बढ़ता मोटापा बच्चों में ब्लड शुगर से संबंधित समस्याओं के जोखिम को भी बढ़ा रहे हैं।
डॉ. जैन के अनुसार, जंक और पैकेज्ड फूड का अधिक सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और लंबे समय तक स्क्रीन पर समय बिताना बच्चों में इन जोखिम कारकों को बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की जीवनशैली पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा, “बचपन से स्वस्थ आदतें अपनाना भविष्य में हृदय रोग और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और स्क्रीन टाइम में संतुलन बच्चों के स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव रख सकते हैं।”


