बुरहानपुर में 400 से अधिक भक्तजनों ने दी अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि, श्रद्धा और गुरु वंदना के साथ संपन्न हुआ "एक दिया पितरों के नाम" दीपयज्ञ
बुरहानपुर में 400 से अधिक भक्तजनों ने दी अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि, श्रद्धा और गुरु वंदना के साथ संपन्न हुआ "एक दिया पितरों के नाम" दीपयज्ञ
बुरहानपुर |
गायत्री परिवार, बुरहानपुर के तत्वावधान में श्राद्ध पक्ष के पावन अवसर पर दिनांक 8 अक्टूबर 2026, गुरुवार को गायत्री शक्तिपीठ, संजय नगर (शिकारपुरा थाने के पास) में "एक दिया पितरों के नाम" पितृ श्रद्धा संवर्धन दीपयज्ञ का भव्य आयोजन अत्यंत श्रद्धा, पवित्रता और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अनुष्ठान में 400 से अधिक श्रद्धालुओं और भक्तजनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर अपने पूर्वजों व पितरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत अलौकिक और हृदय को स्पंदित करने वाले गुरु वंदना के भाव के साथ हुआ। उपस्थित जनों ने पूरी श्रद्धा और तन्मयता के साथ गुरुदेव एवं वंदनीया माताजी के चरणों में नमन अर्पित किया। इस दौरान गूंजे श्लोकों— "गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः..." से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। यह रेखांकित किया गया कि गुरु वह प्रकाश पुंज हैं, जो ज्ञान के अभाव और असक्ति के अंधकार से निकालकर जीवन के वास्तविक लक्ष्य, वैभव और आत्मानुसंधान से परिचित कराते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री परिवार के प्रमुख ट्रस्टी श्री वसंत राव मोंढे एवं श्री सुंदरलाल जी चौधरी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इसके पश्चात, गायत्री धाम, सेंधवा के प्रख्यात गायत्री साधक श्री मेवालाल जी पाटीदार ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए अपने ओजस्वी और मार्मिक उद्बोधन में कहा कि हमारे पूर्वज और पितर हमारी संस्कृति और संस्कारों की नींव हैं। उन्होंने बताया कि पितृ पक्ष केवल कर्मकांड का विषय नहीं है, बल्कि यह पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का पावन पर्व है। श्री पाटीदार ने कहा कि "पूर्वजों के आशीर्वाद से ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।" उनके इस सारगर्भित उद्बोधन ने उपस्थित सभी साधकों और श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी राजेश पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि उद्बोधन के पश्चात, उपस्थित भक्तजनों ने अपने पितरों की पावन स्मृति में दीप प्रज्वलित कर उनके प्रति अपनी अगाध श्रद्धा, कृतज्ञता और समर्पण व्यक्त किया।
इस गरिमामयी आयोजन को सफल बनाने में गायत्री परिवार के जिला समन्वयक श्री नारायण राव पाटिल, श्री दीपक कपाड़िया, श्री मनोज तिवारी, संजय राठौर, मेघराज महाजन, नितिन मोंढे सहित बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे और अपनी सेवाएँ दीं।
कार्यक्रम के अंत में, आयोजन के उपरांत सभी के लिए भोजन प्रसाद (महाप्रसाद) की विशेष व्यवस्था रही, जिसका सभी ने लाभ लिया। अंत में सभी ने यही मंगल कामना की कि गुरुदेव और वंदनीया माताजी की असीम अनुकंपा हम सब पर सदा बनी रहे और जीवन का प्रत्येक श्वास उनके विचारों और सेवा-सत्कर्मों को समर्पित हो।


