अंत समय कोई काम ना आवे एक मूरत ही काम आवे सांस सांस में सुमिरो गोविंद

अंत समय कोई काम ना आवे एक मूरत ही काम आवे सांस सांस में सुमिरो गोविंद

अंत समय कोई काम ना आवे एक मूरत ही काम आवे सांस सांस में सुमिरो गोविंद

पंढरपुर के मंदिर मेंबड़े-बड़े शूरवीर विट्ठल विट्ठल गाते

इंदौर। पंढरपुर प्रेम मंदिर में बड़े-बड़े शूरवीर विट्ठल विट्ठल गाते, अंत समय कोई काम ना आवे, जैसे भजनों को गाती भजन मंडलीया और पीली हरी केसरिया लाल साडिय़ा हाथ में झांज मंजीरे बजाती महिलाएं और भजनों को सुनते रसिक श्रोता मौका था देवी अहिल्या बाई के 231 वे पुण्य स्मरण पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रंखला में भजन प्रतियोगिता का जोकि उषा राजे परिसर उषा नगर पर हो रही थी। प्रथम दिवस दिनांक 22 अगस्त को शाम 5 से शुरू हुई भजन की सत्संग में 23 भजन मंडलीया शामिल हुई। इसमें गुर्जर समाज, सिंधी समाज, महाराष्ट्रीयन समाज, वाल्मीकि समाज , सिख समाज सहित अनेक समाजो कि भजन मंडलीया शामिल थी।

देवी अहिल्या उत्सव समिति के प्रतियोगिता प्रमुख अविनाश भांड, वंदना महस्कर शीला घूमनर ने बताया कि भजन प्रतियोगिता में भजन मंडलियों द्वारा शास्त्रीय वाद्य यंत्रों हारमोनियम तबला झांझ मंजीरे आदि का प्रयोग कर प्रस्तुतियां दी गई आकर्षक वेशभूषा में विशेष तैयारियों के साथ प्रस्तुत भजनों ने समा बांध दिया भजन मंडलियों ने आधुनिक प्रचलित भजनों के साथ साथ सूरदास, रसखान ,कबीर के अभंग मराठी भजनो की मनमोहक प्रस्तुतियां दी।

श्री हरी विठ्ठल नारायण की मूर्ति भी सामने रखी*

प्रतियोगिता संयोजक पुरुषोत्तम गर्ग एवं सिद्धार्थ केदारे ने बताया कि पंजाबी सोशल भजन मंडली में शबर तुम शरणाई आया गाया दत्त मंदिर वैशाली नगर भजन मंडली में खर्च खर्च आहे खरं देह देवा च जय रंजीत भजन मंडली ने सीताराम सीताराम बोल के साथ रंग जमाया । मंच पर सामने श्री हरी विठ्ठल नारायण की मूर्ति रखकर श्रद्धापूर्वक भजन का गायन किया गया।इस दौरान उज्जैन से प्रतियोगिता में भाग लेने आई दो भजन मंडलियों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी। वही सिंधी समाज से आई भजन मंडली ने गाया बेडो तो झूलेलाल जो की प्रस्तुति दी।

अहिल्या उत्सव समिति के मोनिका सबनीस एवं अतुल कुलकर्णी ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ देवी अहिल्या को पुष्प अर्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ आज मुख्य अतिथि अखंड धाम के संत आत्मा महामंडलेश्वर रामगोपाल दास जी एवं डॉक्टर प्रवीण नीमा शामिल थे अतिथियों का परिचय ज्योति तोमर ने दिया। अतिथियों ने अपने उद्बोधन मां अहिल्या को सच्चे अर्थों में जनसेवक बताया और कहा कि ऐसा कोई तीर्थ नहीं है जहां पर मां अहिल्या ने शिव मंदिर का निर्माण न कराया हो । अतिथियों का स्वागत आदित्य फणसे, अपर्णा चेंडके, तृप्ति त्रिवेदी दिगंबर पुजारी ने किया। निर्णायक के रूप मे प्रसिद्ध तबला वादक संगीता अग्निहोत्री एवं दीपक बिडबई थे। 

कार्यकारी अध्यक्ष अशोक डागा ,सचिव सरयू वाघमारे मीडिया प्रभारी नितिन तापड़िया एवं राम मुदडा ने बताया कि 23 अगस्त को प्रतियोगिता का दूसरा चरण सायंकाल 6:00 बजे से राम मंदिर समर्थ रामदास मंडल क्लर्क कॉलोनी परदेशीपुरा पर प्रारंभ होगा।