कैप -तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे.. रिकॉर्ड रुम के पन्नो पर छोड़ गए 40 साल का सफरनामा

कैप -तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे.. रिकॉर्ड रुम के पन्नो पर छोड़ गए 40 साल का सफरनामा

*अपने लिए, जिए तो क्या जिए, तू जी कभी जमाने के लिए!* 

कैप -तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे.. रिकॉर्ड रुम के पन्नो पर छोड़ गए 40 साल का सफरनामा।

- निगम के जन्म मृत्यु पंजीयन ऑफिस के प्रभारी अधीक्षक मुकेश यादव की सेवानिवृत्ति एक जीवंत कार्यशैली का उदाहरण

इंदौर। तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे.. कुछ इस तरह के गीत की पंक्ति को चरितार्थ करते हुए सेवानिवृत हुए जन्म,मृत्यु एवं विवाह पंजीयन कार्यालय में 40 साल तक सेवाएं देकर अपने सहकर्मियों से समन्वय, परस्पर स्नेह और टीम भावना के साथ वर्षों पुराने रिकॉर्ड को उंगली के एक इशारे से बता देने और काम कर देने वाले प्रभारी अधीक्षक मुकेश यादव का सेवानिवृत होकर जाना अपने कर्मचारियों को उनकी बेहतर सेवा कार्य का पाठ पढ़ा गया, वही उत्कृष्ट कार्यशैली की अमिट छाप भी छोड़ गया। निगम में विदाई के पल पूरा निगम मुख्यालय के अलावा मित्र, रिश्तेदार और शुभचिंतकों का जमावड़ा लग गया। ये ही उन्होंने जिंदगी में जीवटता और ईमानदारी का संदेश दिया कि यदि आपकी कर्मभूमि पर जी जान से समर्पित हो तो सफलता कदम चूमेगी। 

नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में जन्म मृत्यु एवं विवाह पंजीयन कार्यालय में प्रभारी अधीक्षक मुकेश यादव की नौकरी 1986 में लगी थी और पूरे 40 वर्ष तक निष्कलंक, पारदर्शिता, ईमानदारी,कर्मठता और संजीदगी के साथ हंसते मुस्कुराते तनावरहित होकर आवेदकों के कार्य को प्रसन्नता के साथ आखिरी कार्यकाल के दिन तक दायित्व का निर्वहन किया। साथ ही पेंशन विभाग के अधीक्षक के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। एक साथ दो विभागों का तालमेल कर कार्य को किया। बात करे, विश्व की सबसे बड़ी महामारी, कोरोनाकाल की तो उसमें भी खतरों का सामना कर सुरक्षा और सावधानी के बीच आकस्मिक परिस्थितियों में कार्यालय में कार्य किया और मृतकों के परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र देकर काम आसान किया। इसके अलावा राज्य एवं प्रशासन के आदेश और नियमों का पालन करते हुए टीम के साथ कार्य को पूरा किया। वही राष्ट्रीय पर्व पर निगम प्रशासन द्वारा उत्कृष्ठ कार्य के लिए सम्मानित किया। श्री यादव की उत्कृष्ट कार्यशैली के चलते विदाई के दिन पूरे निगम मुख्यालय पर आतिशबाजी और मिठाई वितरण के साथ स्वागत किया गया। श्री यादव की शानदार संदेश दे गई, कि अच्छे कार्य और स्वभाव ही अपनी दौलत है और मुकेश यादव ने अपने कार्यकाल में लोगों की दुआएं, बधाई और प्रशंसा खूब प्राप्त की है। स्टाफ ने मुक्त कंठ से कहा कि सरलता और टीम के साथ मिलकर काम करने की आपकी अद्भुत क्षमता हमारे लिए हमेशा एक मिसाल रहेगी। आपने न केवल काम किया, बल्कि हमें एक परिवार की तरह जोड़कर रखा। आपके द्वारा दिए गए गई श्रेष्ठ मार्गदर्शन को हम हमेशा संजो कर रखेंगे। "सालों की मेहनत और समर्पण का यह फल है कि टीम के हर सदस्य ने कहा कि सेवानिवृत्ति कोई अंत नहीं, बल्कि जीवन के एक नए और रोमांचक अध्याय की शुरुआत है। यादों के पन्नों में आप हमेशा रहेंगे,आपके काम के किस्से हम सुनाते रहेंगे।बहुत की मेहनत, अब आगे हम इसे बढ़ाएंगे। नगर निगम सभापति मुन्नालाल यादव, पूर्व पार्षद केके यादव, एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर, पार्षद कमल बाघेला, पूर्व पार्षद विजय यादव, अश्विन शुक्ल, नंदकिशोर पहाड़िया, लीलाधर करोसिया, पवन पाटोदी, भारतसिंह चौहान ने कहा कि सेवानिवृत प्रभारी अधीक्षक मुकेश यादव की कार्यशैली एक खुली पुस्तक के समान है, जहां सब कुछ खुला और पारदर्शी रहा। नियम, संयम, अनुशासन और संजीदगी से आच्छादित कार्यशैली के व्यक्तित्व श्री यादव की कर्मभूमि निगम कार्यालय उनके लिए जीता जागता दफ्तर रहा है, वर्षों पुराने रिकॉर्ड को एक अंदाज और इशारे से अनुमानित करने वाला यह शख्स काम के मामले में सबसे भिन्न था, और काम का जुनून उनकी पहचान रही। इसके अलावा रामनाथ यादव, सदाशिव यादव काका, कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष मुकेश यादव, अंकित कल्याणे, एड. संतोष यादव, गोविंद बघेल, विज‌य कश्यप, राजू यादव, स्वाति शर्मा, रामचरण चौधरी, मनीष पंडित, विवेक उपाध्याय, अजित कल्याणे, सुनीता कुरील,सरिता यादव, विमला कल्याने, विवेक करोसिया, नितीन चौहान, विशाल गोधा, संजू लोहिया , डेनी घूरैया, मदनलाल यादव, प्रवेश यादव, गुलशन यादव, पूर्व आईजी अशोक यादव गिरधारीलाल यादव अर्जुन अवॉर्डी, मनोज ग्वाल, पत्रकार राजेश यादव, अनिल मिश्रा, गजेंद्र नागर, लखन यादव, फोर्स एकेडमी, जगदीश यादव, डॉ. रमन यादव, अनिल डागा, शरीफ कप्तान, संजय यादव, प्रेमकुमार यादव, रामबहादुर यादव, रामनरेश पटेल लालता प्रसाद कैथवास आदि ने श्री यादव का स्वागत किया।