यूसीमास स्टेट लेवल प्रतियोगिता में जाह्नवी राठौड़ चैंपियन ऑफ चैंपियंस”
भव्य पुरस्कार वितरण समारोह में विजेताओं को सम्मान
इंदौर । यूसीमास की 21वीं स्टेट लेवल एबाकस एवं मेंटल अरिथमेटिक प्रतियोगिता में रतलाम की जाह्नवी राठौड़ पूरे प्रदेश में अव्वल आई इस प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन रवींद्र नाट्य गृह में किया गया। इस अवसर पर यूसीमास जैसी विश्वविख्यात संस्था के फाउंडर एवं चेयरमेन प्रोफेसर डॉ. डिनो वोंग (मलेशिया) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
संस्था के श्री नीरज गोयल ने बताया कि प्रतियोगिता में विजेता बच्चों और उनके पालकों का उत्साह देखने लायक था। पुरस्कार वितरण समारोह प्रारंभ होने के 1 घंटे पूर्व ही बच्चे और उनके पालक रविंद्र नाट्य गृह, आर.एन.टी. मार्ग पर उपस्थित हो गए थे। प्रातः 9 बजे से पुरस्कार वितरण के साथ समारोह की शुरुआत हुई। तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागृह गुंजायमान हो गया।
प्रत्येक लेवल को उम्र के अनुसार 3 समूहों में बांटा गया था। सभी समूहों के पुरस्कारों में मॉड्यूल चैंपियन, चैंपियन, फर्स्ट रनरअप से फिफ्थ रनरअप, मेरिट एवं कंसोलेशन श्रेणियां रखी गई। इस प्रकार कुल 41 चैंपियन, 50 फर्स्ट रनरअप, 59 सेकंड रनरअप, 60 थर्ड रनरअप, 69 फोर्थ रनरअप और 92 फिफ्थ रनरअप पुरस्कार वितरित किए गए। इसके अलावा 2000 विद्यार्थियों को मेरिट पुरस्कार एवं शेष विद्यार्थियों को कंसोलेशन पुरस्कार प्रदान किया गया।
पुरस्कार वितरण समारोह में भाग लेने के लिए प्रदेश के सभी यूसीमास सेंटर के फ्रेंचाइजिंग विशेष रूप से उपस्थित थे।
प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले समूहों में से विद्यार्थियों को “चैंपियन ऑफ चैंपियंस” का पुरस्कार दिया गया। साथ ही मॉड्यूल चैंपियंस को भी पुरस्कार दिया गया। चैंपियन ऑफ चैंपियंस”विद्यार्थियों के नाम हैं:
जाह्नवी राठौड़ – रतलाम , इशमीता जाट – रतलाम
अंश जैन – भिंड , हिया धूत – इंदौर
प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अन्य 41 विद्यार्थियों को उनके ग्रुप एवं वर्ग के आधार पर “चैंपियन” के पुरस्कार दिए गए। इन सभी 41 विद्यार्थियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए
कार्यक्रम का संचालन यूसीमास मध्यप्रदेश की स्टेट मॉडरेटर श्रीमती अमृता गोयल ने किया।
अतिथियों का स्वागत म.प्र. मास्टर फ्रेंचाइजी श्री नीरज गोयल ने किया तथा आभार म.प्र. की फ्रेंचाइजी मैनेजर श्रीमती रूपिया पठान एवं मॉडरेटर श्रीमती लीना सचदेव ने माना।