मध्यप्रदेश कांग्रेस का महाआंदोलन छात्रों, किसानों और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

मध्यप्रदेश कांग्रेस का महाआंदोलन छात्रों, किसानों और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

मध्यप्रदेश कांग्रेस का महाआंदोलन छात्रों, किसानों और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

इंदौर। मध्यप्रदेश कांग्रेस द्वारा प्रदेशभर में एक निर्णायक और चरणबद्ध जनआंदोलन प्रारंभ किया जा रहा है। यह आंदोलन प्रदेश के छात्रों, युवाओं, ठगे गए किसानों और शोषित आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा, सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा भ्रष्टाचार, घोटालों एवं सत्ता के घोर दुरुपयोग के विरुद्ध एक ऐतिहासिक लोकतांत्रिक संघर्ष का आगाज है। यह बात आज इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा ने कही।

उन्होंने मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने भाजपा सरकार के खिलाफ एक बड़ा और निर्णायक मोर्चा खोलते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और किसानों के संकट को लेकर गंभीर आरोप लगाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उज्जैन भूमि घोटाले पर सार्वजनिक जवाब की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जवाब नहीं मिला, तो मुख्यमंत्री को पद छोड़ देना चाहिए।

कांग्रेस ने राज्य में व्याप्त शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर कड़ा प्रहार किया है। श्रीमती ओझा ने कहा कि व्यापम के कलंक के बाद अब पटवारी, नर्सिंग, पुलिस और अन्य भर्ती घोटालों ने युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। उन्होंने नीट, नेट और सीबीएसई परीक्षा से जुड़े घोटाले तथा पेपर लीक मामले में प्रदेश की दो बेटियों की मौत का उल्लेख करते हुए इसे महा-घोटाला करार दिया और कहा कि सरकार क्लीन चिट बांटने वाली मशीन बन गई है। इस अन्याय के खिलाफ कांग्रेस छात्रों की गूंज अभियान शुरू करेगी, जिसके तहत प्रदेश के विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता की मांग की जाएगी।

श्रीमती ओझा ने प्रदेश के अन्नदाताओं की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि खाद और बिजली के लिए किसान लाठियां खाने को मजबूर हैं। डीएपी और यूरिया की भारी कमी है, जिसके चलते 1350 रु. की बोरी 2000 रु. तक बिक रही है। पिछले वर्ष की तुलना में मूंग खरीदी का कोटा 50 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है, जिससे किसानों को बिचौलियों के हाथों अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर हितों के टकराव का सीधा आरोप लगाया है। एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि 2021 से 2025 के बीच मुख्यमंत्री के परिजनों द्वारा 335 एकड़ जमीन खरीदी गई है। कांग्रेस का आरोप है कि ये जमीनें उन्हीं परियोजनाओं के आसपास खरीदी गई हैं, जिन्हें सरकार द्वारा मंजूरी मिली है। श्रीमती ओझा ने मांग की कि ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियां इस मामले की निष्पक्ष जांच करें।

भ्रष्टाचार को बेनकाब करने के लिए कांग्रेस जल्द ही एमपी करप्शन वाच नाम से एक डिजिटल पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर लॉन्च करेगी। इसके माध्यम से नागरिक अपनी पहचान गुप्त रखते हुए घोटालों से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य साझा कर सकेंगे। कांग्रेस द्वारा भाजपा सरकार को जगाने के लिए 7 चरणों में आंदोलन करेगी, जिसमें प्रदेशभर में पत्रकार वाताओं की शुरुआत, छात्रों की गूंज के माध्यम से विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन, 14-15 जुलाई को इंदौर से भोपाल तक जेन-जी साइक्लोथॉन नाम से विशाल साइकिल रैली, मुख्यमंत्री का घेराव कर हर दौरे पर उनसे सार्वजनिक प्रश्न, 15 जुलाई को भोपाल में सीएम हाउस का घेराव कर प्रदर्शन, जुलाई के अंतिम सप्ताह में भूमि घोटाले के खिलाफ उज्जैन में रैली कर बड़ा जनआंदोलन, आगामी विधानसभा सत्र में सदन में घेराबंदी कर सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर किया जाएगा।

शोभा ओझा ने कहा कि यह संघर्ष केवल सत्ता के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के हकों और पारदर्शी शासन के लिए है। इस अवसर पर विपिन वानखेड़े, संतोष सिंह गौतम, अमित चौरसिया, आनंद कासलीवाल और सच सलूजा सहित अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित थे।