*पुष्प बंगला - आकाश गंगा में पुष्पो से सुसज्जित पुष्प बंगले में विराजे प्रभु वेंकटेश*

*पुष्प बंगला - आकाश गंगा में पुष्पो से सुसज्जित पुष्प बंगले में विराजे प्रभु वेंकटेश*

*श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान* 

*श्री ब्रम्होत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव 2026*


*पुष्प बंगला - आकाश गंगा में पुष्पो से सुसज्जित पुष्प बंगले में विराजे प्रभु वेंकटेश*


*देश की  तीसरी सबसे बड़ी *परम्परागत गौरवशाली  रथयात्रा 16 जूलाई को श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग से सायंकाल 4.00 बजे निकेलगी*

 *डायमंड जारदोसी से हस्त निर्मित रेशमी वस्त्र से बनी पोषक धारण कर  पुष्प बंगले में प्रभु वेंकटेश  ने दिए दर्शन*

*पुष्प बंगले में चंद्रमा पर विराजे प्रभु वेंकटेश* 

 *रथयात्रा के लिए* 
 *कुंभ कोणम से बन कर आई है प्रभु वेंकटेश की पोषाक*


इंदौर । पावन सिद्ध धाम श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में चल रहे श्रीब्रम्होत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव में आज छटे दिन दिव्य पुष्प बंगला जो की हमारे इंदौर शहर का वैभव है जिसका कि  हर वर्ष नए स्वरूप में दर्शन होता है।
इस वर्ष भी नयनाभिराम पुष्प बंगला में  प्रभु वैंकटेश के मनोहारी दर्शन हुए

इस वर्ष यह दिव्य पुष्प बंगला 
में 200 × 200  का पूरा देवस्थान का कोना कोना पुष्प से सुसज्जित था और उसी पुष्प बंगला में से भक्त प्रवेश कर रहे थे ओर अंदर पहुचते ही सामने मोगरा जूही कुंद जरबेरा गुलाब अनेक प्रकार 
के पुष्पो के सुंदर झरोखे ओर उन सभी मे भक्तो का प्रवेश हो रहा था


5 led लगाई गई थी जिन में भक्तों को दर्शन हो रहे थे। 
*पिछले6 माह की प्लानिंग 20 दिनों की तैयारी 7 दिनों की मेहनत और 3 रात में इंदौर ओर दक्षिण ओर बेंगलुरु की  50 लोगों की टीम के साथ पुष्प बंगले के निर्माण किया

पुष्प बंगले में
पुष्पो से निर्मित  शंख,चक्र,तिलक,जय, विजय
झरोखे के साथ ही पुष्पो से निर्मित स्वान अदभुत रूप 
से दिखाई  दे रहे थे।

नागुनेरी ओर वृन्दावन,जयपुर से आया पुष्प
 मोगरा 1000 kg ,गुलाब 1000 कनेर 500 जूही  500 जरबेरा 500 रजनीगंधा 400 kg रक्त कमल 500 इन के साथ ही गुलाब
की झुमकिया ओर भी अनेक प्रकार के पुष्पों से सजाया जा रहा है।

 प्रभु वेंकटेढ़ जी ने चंद्रमा पर विराजमान होकर शंख चक्र गदा पदम धारण कर व भगवती श्री महालक्ष्मी जी ने गज पर आरुढ़ होकर भक्तो को दर्शन दिया
इस हेतु विशेष रूप से भगवान की पोषक जरदोसी वर्क की कुम्भ कोणम से बन कर आई

साथ ही बंगला के दर्शन की व्यवस्था के लिए लगभग 500 कार्यकर्ता अपना सहयोग दे  रहे थे

5 led पर भी  भक्तो को लाइन में दर्शन होंगे
एक भव्य सुंदर सजेधजे सिहासन पर 
*परमपूज्य अनंतश्रीविभूषित श्रीमद्जगतगुरु रामानुजाचार्य श्रीनागोरियापिठाधिपति स्वामीजी श्रीविष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज* अनेक संतो के साथ विराजमान होकर  सभीभक्तो को आर्शीवाद प्रदान कर रहे थे हर भक्त भगवान और गुरुदेव से मिलने को आतुर नजर आ रहा था।

सुप्रसिद्ध जोधपुर से पधारे
गोवत्स श्री राधाकृष्ण जी महाराज ने अपने अदभुत भजन
सावरियों हे सेठ,सावरे आजा रे,एकली खड़ी रे मीरा बाई मोहन आओ तो सही ने सुमधुर प्रस्तुति दे  रहे थे और भक्त भयंकर झूमें  और नाचे  रहे थे। जिसमे विशेष रूप से युवा पीढ़ी नजर आ रही थी

इस अवसर पर प्रचार प्रमुख पंकज तोतला ने बताया   
अग्रवाल ग्रुप से विनोद जी अग्रवाल,विष्णु बिंदल, सत्यनारायण शर्मा,रमेश चितलांगया,पुखराज सोनी,महेंद्र नीमा,रविन्द्र धुत,दिनेश गुप्ता, भरत तोतला ने पूजन किया

इसके पूर्व प्रातः सत्र में प्रणय कलह लीला का आयोजन हुआ जिसमें भगवान रंगनाथ और श्रीदेवी भूदेवी संग प्रेम और कलह की लीला के दर्शन हुए जिस में रंग गुलाल अबीर  व माखन भी उड़ाया गया और प्रभु के प्रेम रस में भक्त रंग गए 


वेणुगोपाल संस्कृत पाठशाला
का वार्षिक उत्सव

संस्कृत भाषा जो कि हमारे हिंदुत्व में देवताओं की भाषा माना गया है इस भाषा को वेंकटेश स्थान द्वारा  श्री स्वामी जी नागोरिया पीठाधीश्वर विष्णुप्रपन्नाचार्य जी महाराज के द्वारा इसके लिए संस्कृत भाषा के लिए विशेष प्रकल्प विशेष पाठशालाएं पूरे शहर ही नहीं पूरे देश में भी आयोजित की जा रही है उसी प्रकार इंदौर के श्री वेंकटेश देव स्थान छतरी बाग में भी श्री वेणु गोपाल संस्कृत पाठशाला में लगभग 70 से 80 विद्यार्थी हर वर्ष अध्ययन करते हैं उनका यही रह वास होता है उनकी वेशभूषा भी यही से दी जाती है  उनका पूरा ध्यान रखकर उन्हें हमारे सभी के लिए तैयार किया जाता है कि कोई विद्यार्थी ज्योतिष में कोई कर्मकांड में कोई वैदिक धर्म में इस तरह से जो चीज हमारे लुप्त होते जा रही है उन पर विशेष ध्यान देकर श्री स्वामी जी महाराज द्वारा विशेष रूप से कार्य किया जा रहा है इसी के अंतर्गत आज वेणुगोपाल संस्कृत पाठशाला का वार्षिक उत्सव देवस्थान में 16 जुलाई को प्रातः काल में आयोजित होगा जिसमें देश भर के संत महात्मा के साथ ही अनेक विद्वतजन पधारेंगे

*मध्य प्रदेश की* 
*सबसे बड़ी पारंपरिक गौरवशाली रथयात्रा 16 जुलाई को श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान से सायंकाल 4 बजे से* 


हर वर्ष दूज को निकलने वाली   वैंकटेश प्रभु की रथयात्रा  जो कि देश की तीसरी बड़ी व मध्यप्रदेश की पहली बड़ी परंपरागत निकलती आ रही है।  जिसका स्वरूप अनेक वर्ष की  परम्परा से चला आ रहा है  भले ही शहर में  कर्पयु  था या कोरोना पर प्रभु की कृपा से रथयात्रा की परम्परा कायम रही है ।

इस वर्ष भी रथयात्रा अपने पूर्ण स्वरूप में दिनाक 16 जुलाई को दोपहर 4 बजे श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान से  निकलेगी जिसमे हजारो भक्तो का जनसैलाब प्रभु के नगर आगमन पर उमड़ेगा।

प्रभु वेंकटेश अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए शहर में पूरे लाव लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे।


*रथयात्रा मार्ग*
रथयात्रा संयोजक पवन व्यास,रजत बेड़िया,रंगेश बियाणी,गिरीश जाखेटीया ने बताया
रथयात्रा छत्रीबाग से प्रारंभ होकर सिलावट पूरा चौराहा  नरसिंह बाज़ार , सीतलामाता बाज़ार , गोरकुण्ड चौराहा , शक्कर बाज़ार , बड़ा सराफा , पीपली बाज़ार , बर्तन बाज़ार , बजाजखाना , साठा बाजर से होते हुए पुनः मदिर पर आकर समाप्त होगी इस रथयात्रा के मार्ग में करीब 500 स्थानों पर मंचो से इस यात्रा का स्वागत पुष्प वर्षा से  किया जाएगा साथ ही अनेक जगह प्रसाद का वितरण होगा

 यात्रा में 250 कार्यकर्ता एक ही जैसे कुर्ते वाली वेशभूषा में यात्रा किव्य व्यवस्था संभालेंगे जिसे कीयात्रा में कोई भी असुविधा नही हो वाट्सअप पर व ग्रीन-रेड लाइट लगातार जानकारी अपडेट कर व्यवस्था को संभालेंगे।


*रथयात्रा के ख़ास आकर्षण*


यात्रा झांकी में प्रभु वेंकटेश क्षीर सागर में ,  हनुमंत लाल, पुष्प में  रामानुज स्वामीजी के दर्शन,जगन्नाथ प्रभु के साथ ,गोमाता बचाओ  झकियो में युवाओं का मुख्य उद्देश्य सभी झकियो के माध्यम से से एक अच्छा msg शहर वासियों व देश वासियों को मिले 
 
*नासिक बेंड*????

नासिक से आये 80 युवा युवतियोंका समूह  का बेंड पूरे मार्ग पर 6 - 7 घंटे तक विशेष प्रस्तुति देगा जिसमे बड़े / बड़े ढोल होंगे वाद्य ओर ध्वज होंगे।
*रामानुज स्वामी द्वारा दिए गए संदेशो की दिखेगी झलक*

 रथयात्रा में कमल के पुष्प पर विराजमान रामानुज स्वामीजी की झांकिया सभी भक्तों को रामानुज संप्रदाय के सिद्धान्त और उनके द्वारा किये गए कार्यो गुरु के प्रति समर्पण का वर्णन का दर्शन देगी 

शहर के प्रसिद्ध बैंड बाजो के साथ ही 21 घोड़ो पर भगवा धार्मिक  ध्वज पताका लिए युवा संवार होंगे साथ होंगे साथ ही बच्चो को  विभिन स्वरूपो में तैयार कर बग्गी  में बिठाया जायेगा

  ठाकुरजी की सवारी के वाहन के रूप में गरुड़ वाहन , हनुमान वाहन , अश्व वाहन , गज वाहन , मंगलगिरी होंगे इन वाहनों पर ठाकुरजी के चित्रजी विराजित रहेंगे

21 बग्गियों में देश भर से दिव्य देशो से पधारे संतगण आसीन  रहेंगे

भजन गायक हरिकिशन साबू भोपुजी अनेक वैष्णव जन के साथ भजनों कि समधुर प्रस्तुति देंगे

इसके बाद द्वारका मंत्री की भजन मंडली भक्तों को ओर माता बहनों के जन सेलाब के साथ नाचते गाते भजनों की रस गंगा प्रवाहित करेनगे


इसके साथ ही  परमपूज्य अनंतश्रीविभूषित श्रीमद्जगतगुरु रामानुजाचार्य श्रीनागोरियापिठाधिपति स्वामीजी श्रीविष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज भक्तों को आशीर्वाद देते रथयात्रा मार्ग में भक्तो के विशाल समूह के बीच छत्र, चवर के साथ पुरे लाव लश्कर के साथ पेदल चलेंगे।
ओर भक्तों द्वारा गुरुदेव के चरणों का पूजन केशर चंदन से किया जाएगा

महिला भक्त जन अपने हाथों से लगभग 50 झाड़ू से प्रभु के आगमन के लिए रथ के आगे यात्रा मार्ग की सफाई करते चलेंगे

दिव्य चांदी के रथ में  प्रभु वेंकटेश विरजमान होकर हजारों भक्तो को दर्शन देने रथारूढ़ होकर निकलेंगे गोविंदा गोविंदा के नाम  को स्मरण करते हुए भक्त अपने हाथों से प्रभु का रथ खीचेंगे 

कल सुबह 16 जूलाई  को प्रातः 9.30 बजे से  देवस्थान में गो अन्नकूट महोत्सव श्रीअनंत निधि सेवा प्रकल्प द्वारा सम्पन होगा
साथ ही श्री वेणुगोपाल संस्कृत पाठशाला का वार्षिक उत्सव भी सम्पन्न होगा।