जीएसटी ट्रिब्यूनल में मजबूत दस्तावेज और सटीक अपील ही दिलाएगी सफलता : एडवोकेट सीए जे. के. मित्तल
जीएसटी ट्रिब्यूनल में मजबूत दस्तावेज और सटीक अपील ही दिलाएगी सफलता : एडवोकेट सीए जे. के. मित्तल
इंदौर। जीएसटी ट्रिब्यूनल में किसी भी अपील की सफलता केवल कानूनी तर्कों पर नहीं, बल्कि मजबूत दस्तावेजीकरण, सटीक अपील ड्राफ्टिंग और प्रभावी प्रस्तुतीकरण पर निर्भर करती है। यह बात देश के प्रख्यात अप्रत्यक्ष कर विशेषज्ञ, चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सीए जे. के. मित्तल ने मध्य प्रदेश टैक्स कंसल्टेंट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित विशेष सेमिनार में कही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्था के प्रदेश अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट सीए सुमित नेमा ने कहा कि जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल के संचालन से करदाताओं को राहत मिलने का मार्ग खुला है, लेकिन अपील शुल्क और 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्री-डिपॉजिट की अनिवार्यता कई करदाताओं के लिए आर्थिक चुनौती बनी हुई है।
संस्था के इंदौर जोन अध्यक्ष सीए एस एन गोयल कहा कि ट्रिब्यूनल केवल अपीलीय मंच नहीं, बल्कि तथ्यों और कानून का विशेषज्ञ न्यायिक मंच है। इसलिए अपील तैयार करते समय आदेश का गहन अध्ययन, विवादित बिंदुओं की स्पष्ट पहचान तथा प्रत्येक ग्राउंड को वैधानिक प्रावधानों, न्यायिक निर्णयों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अधिकांश मामलों में कमजोर दस्तावेजीकरण और तथ्यात्मक कमियां अपील को प्रभावित करती हैं।
सेमिनार में सीए मित्तल ने कहा कि जीएसटी कानून लागू होने के १० साल बाद अपीलेट ट्रिब्यूनल ने कार्य प्रारंभ किया है उन्होंने कहा कि प्रभावी पेपर बुक तैयार करने की पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि अपीलित आदेश, शो-कॉज नोटिस, उत्तर, व्यक्तिगत सुनवाई के दस्तावेज, रिटर्न, जीएसटी पोर्टल से प्राप्त रिकॉर्ड, कर भुगतान के प्रमाण, चालान, ई-वे बिल, अनुबंध और अन्य साक्ष्यों का सुव्यवस्थित संकलन ट्रिब्यूनल में सफलता की मजबूत नींव बनता है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां कानूनी व्याख्या का विवाद हो, वहां संबंधित अधिसूचनाएं, परिपत्र और महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय भी संलग्न किए जाने चाहिए।
उन्होंने अपील दाखिल करने की समय-सीमा, प्री-डिपॉजिट, ई-फाइलिंग, अधिकृत प्रतिनिधि की नियुक्ति तथा दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां जैसी प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं का पालन करने पर विशेष बल दिया। साथ ही लिखित प्रस्तुतिकरण को संक्षिप्त, स्पष्ट और साक्ष्यों पर आधारित रखने की सलाह दी।
सेमिनार में जीएसटी ट्रिब्यूनल की ई-फाइलिंग प्रणाली, अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, स्थगन आवेदन, विलंब माफी आवेदन तथा सुनवाई के दौरान अपनाई जाने वाली प्रभावी रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रश्नोत्तर सत्र में इनपुट टैक्स क्रेडिट, वर्गीकरण, रिफंड, मांग एवं दंड आदेश सहित विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन सीए शैलेन्द्र सोलंकी ने किया और आभार प्रदर्शन सीए कीर्ति जोशी ने किया। कार्यक्रम में सीए गोविंद अग्रवाल, सीए सुनील जैन, सीए अरविंद चावला, सीए नवीन खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, टैक्स कंसल्टेंट्स, अधिवक्ताओं एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।


