प्रख्यात वक्ताओं के संग सजेगा वैचारिक मंच, अभ्यास मंडल ने 66 वी व्याख्यानमाला के निमंत्रण पत्र का किया विमोचन*            

प्रख्यात वक्ताओं के संग सजेगा वैचारिक मंच, अभ्यास मंडल ने 66 वी व्याख्यानमाला के निमंत्रण पत्र का किया विमोचन*            

*प्रख्यात वक्ताओं के संग सजेगा वैचारिक मंच, अभ्यास मंडल ने 66 वी व्याख्यानमाला के निमंत्रण पत्र का किया विमोचन*     

      

इंदौर। अभ्यास मंडल द्वारा आयोजित 66वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला के निमंत्रण पत्र एवं पोस्टर का विमोचन आज अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्धजन, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा वर्ग की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे आयोजन एक सशक्त बौद्धिक संगम का रूप ले सका।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. योगेश चंद्र गोस्वामी कुलगुरु श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय ने विधिवत रूप से निमंत्रण पत्र/पोस्टर का विमोचन किया। विशेष अतिथि प्रेस क्लब महासचिव प्रदीप जोशी,इस अवसर पर डॉ गोस्वामी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा, अभ्यास मंडल केवल बोलने का मंच नहीं बल्कि सीखने का सशक्त माध्यम है ,उन्होंने विशेष रूप से नैनो टेक्नोलॉजी और AI के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुवे कहा की इनका प्रयोग गंभीरता ओर जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए.युवा ओर समाज तक तेज़ीसे बदलते इन तकनीकों की सही जानकारी और सही दिशा देना आज समय की बड़ी आवश्यकता है 

उनके विचारों ने उपस्थित जनसमूह को चिंतन की नई दिशा प्रदान की तथा संवाद की आवश्यकता को रेखांकित किया।

अभ्यास मंडल विगत 68 वर्षों से समाज में वैचारिक जागरण एवं रचनात्मक संवाद की अखंड परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। यह केवल एक संस्था नहीं, बल्कि विचारों का ऐसा मंच है, जहां विभिन्न क्षेत्रों के विद्वान, चिंतक और अनुभवी व्यक्तित्व समाज के समक्ष अपने अनुभव एवं दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। मंडल का उद्देश्य सदैव यह रहा है कि विविध विषयों पर गहन मंथन हो, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव और जागरूकता का विस्तार हो सके।

संस्था द्वारा मासिक व्याख्यानों एवं विशेष व्याख्यानमालाओं के माध्यम से संवाद की यह श्रृंखला निरंतर जारी है। *अभ्यास मंडल का प्रयास रहता है कि अलग-अलग क्षेत्रों के विशिष्ट वक्ताओं को एक मंच पर आमंत्रित कर विचारों का एक समृद्ध “गुलदस्ता” तैयार किया जाए, जिससे समाज को व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त हो सके*।

इस अवसर पर आगामी 66वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला की विस्तृत जानकारी डॉ मनीषा गौर— द्वारा प्रस्तुत की गई।

यह 6 दिवसीय व्याख्यानमाला 16 मई से 21 मई 2026 तक प्रतिदिन सायं 6 बजे जाल सभागृह, इंदौर में आयोजित की जाएगी। 16 मई को उद्घाटन सत्र एवं 21 मई को समापन सत्र होगा।

व्याख्यानमाला के अंतर्गत समसामयिक और अत्यंत प्रासंगिक विषयों पर विमर्श किया जाएगा, जिनमें “नया भारत नई सोच”, “राजनीति की भाषा और भाषा की राजनीति”, “भारत दृष्टि 2047”, “सफलता के मायने एवं जीवन का लक्ष्य”, “पर्यावरण संरक्षण एवं सामूहिक भागीदारी” तथा “विकसित भारत और नारी नेतृत्व” जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।

इस व्याख्यानमाला में देश के प्रतिष्ठित वक्ता — राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी, राज्यसभा सदस्य प्रो. मनोज कुमार झा, प्रख्यात वक्ता डॉ. महेंद्र सिंह, लेफ्ट. कर्नल मनोज कुमार सिन्हा सेवा निवृत्त,पर्यावरणविद प्रो. श्यामसुंदर ज्यानी तथा लेफ्टिनेंट जनरल श्रीमती माधुरी कानिटकर सेवा निवृत्त— अपने विचारों से श्रोताओं को लाभान्वित करेंगे।

अभ्यास मंडल ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि यह व्याख्यानमाला सभी के लिए खुली है। अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी आयोजन का लाभ उठाएं तथा संवाद की इस परंपरा को और अधिक सशक्त बनाएं।

अतिथिओ को स्मृति चिन्ह 

कार्यक्रम का संचालन हरेराम वाजपेयी ने किया— आभार — रामेश्वर गुप्ता— द्वारा व्यक्त किया गया। श्यामसुंदर यादव, अशोक जायसवाल, गौतम कोठारी, अरविंद तिवारी,मदन राने, आलोक खरे, शंकर गर्ग, आरती जायसवाल, दीप्ति गौर आदि उपस्थित थे