पेट की तकलीफ को नजर अंदाज न करें, समय पर जांच से गंभीर बीमारियों की पहचान संभव

पेट की तकलीफ को नजर अंदाज न करें, समय पर जांच से गंभीर बीमारियों की पहचान संभव

पेट की तकलीफ को नजर अंदाज न करें, समय पर जांच से गंभीर बीमारियों की पहचान संभव

-अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में अब पाचन तंत्र और लिवर संबंधी रोगों का विशेषज्ञ उपचार

इंदौर,। पेट, आंत और लिवर से जुड़ी समस्याओं को अक्सर सामान्य मानकर लोग लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं, जबकि लगातार बनी रहने वाली एसिडिटी, पेट दर्द, पाचन संबंधी परेशानी, वजन में अचानक बदलाव या लिवर से जुड़ी समस्या किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है। इन्हीं जरूरतों को देखते हुए गोकुलदास हॉस्पिटल, इंदौर में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित समर्पित गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग शुरू किया गया है। विभाग में जीबी पंत हॉस्पिटल दिल्ली से प्रशिक्षित डॉ सारंग महानायक फुल टाइम डीएम गैस्ट्रो सुपर स्पेशलिस्ट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ महानायक के मार्गदर्शन में हॉस्पिटल में पेट रोगों - आंत और लिवर से संबंधित विभिन्न रोगों की जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग में अपर एवं लोअर जीआई एंडोस्कोपी, ERCP, MRCP और एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS) जैसी अत्याधुनिक जांच एवं उपचार सुविधाएं मौजूद हैं। एसिडिटी, इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज, फैटी लिवर सहित पाचन तंत्र और लिवर से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के लिए निदान और उपचार की सुविधा उपलब्ध है।

गोकुलदास हॉस्पिटल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. समन्वय अग्रवाल ने कहा कि "पेट से जुड़ी हर समस्या को केवल गैस या एसिडिटी मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज करना उचित नहीं है। लगातार एसिडिटी, बार-बार पेट दर्द, मल त्याग की आदतों में बदलाव, खून आना, बिना कारण वजन कम होना या लंबे समय तक पाचन संबंधी परेशानी होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। इसी तरह फैटी लिवर जैसी समस्या भी शुरुआती चरण में अक्सर बिना स्पष्ट लक्षणों के हो सकती है, इसलिए सही समय पर जांच और चिकित्सीय सलाह महत्वपूर्ण है। हमारा उद्देश्य आधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सुविधाओं के साथ लोगों में पाचन तंत्र और लिवर के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी है, ताकि बीमारी की पहचान समय पर हो और मरीज को उचित उपचार मिल सके।"

डॉ समन्वय ने आगे कहा कि, "संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त पानी का सेवन और अनावश्यक दवाओं से बचाव पाचन तंत्र एवं लिवर के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। लंबे समय से बनी किसी भी समस्या में स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सीय सलाह लेना जरूरी है।"