खजराना गणेश मंदिर के सत्संग भवन पर पहली बार आज से 7 दिवसीय

खजराना गणेश मंदिर के सत्संग भवन पर पहली बार आज से 7 दिवसीय

खजराना गणेश मंदिर के सत्संग भवन पर पहली बार आज से 7 दिवसीय

नर्मदा चिंतन ज्ञान यज्ञ का अनूठा आयोजन, दादागुरु भगवान आएंगे 

शाम को वृक्ष कलश यात्रा के साथ होगा शुभारंभ, परिक्रमावासी आचार्य रविकांत शास्त्री सुनाएँगे माँ नर्मदा की महिमा

इंदौर। महाकालेश्वर और ओमकारेश्वर-ममलेश्वर जैसे दो ज्योतिर्लिंगों के बीच बसी देवी अहिल्या की नगरी और माँ नर्मदा एवं क्षिप्रा के सानिध्य में पहली बार शहर के खजराना गणेश मन्दिर पर 7 दिवसीय नर्मदा चिंतन ज्ञान यज्ञ का दिव्य आयोजन मंगलवार 5 मई से सोमवार 11 मई तक प्रतिदिन शाम 5 से 8 बजे तक माँ नर्मदा के अनन्य भक्त, पिछले लगभग दो हजार दिनों से भी ज्यादा समय से अखंड निराहार महाव्रत की कठोर साधना कर रहे परम तपस्वी, महायोगी, अवधूत श्री दादागुरु भगवान की प्रेरणा एवं उनके पावन सानिध्य में होगा। 

                    आयोजन समिति के राजेंद्र बंसल, नित्यम बंसल एवं देवांग शर्मा ने बताया कि कथा का शुभारंभ मंगलवार को शाम 4 बजे खजराना गणेश मंदिर परिसर में वृक्ष कलश यात्रा के साथ होगा। मंगल कलशधारी 501 महिलाओं को कलश में नर्मदा जल के साथ एक-एक पौधा भी दिया जाएगा जो सातों दिन कथा स्थल पर रखने के बाद अभिमंत्रित और सिद्ध पौधे के रूप में मातृशक्ति को प.पू. दादागुरु के करकमलों से भेंट किया जाएगा। संयोग यह भी है कि माँ नर्मदा की इस कथा का अमृतपान कराने के लिए परिक्रमावासी आचार्य रविकांत शास्त्री आएंगे। इस दौरान माँ नर्मदा की सम्पूर्ण महिमा, प्राकट्य और विभिन्न लीलाओं के साथ ही नर्मदा तट के पावन तीर्थस्थलों का वर्णन भी शहर के भक्तों को सुनने को मिलेगा। स्वयं दादागुरु भगवान भी इस कथा को अपना पावन सानिध्य प्रदान करेंगे। 

                 अ.भा. दादागुरु परिवार इंदौर नर्मदा मिशन की मेजबानी में होने वाले इस दिव्य अनुष्ठान में प्रदेश एवं देश के अनेक नर्मदा भक्त और परिक्रमावासी श्रद्धालुओं के साथ ही अनेक तपोनिष्ठ संत-महंत और आचार्य-विद्वान भी इंदौर आएंगे। खजराना गणेश मंदिर परिसर स्थित दौलतराम छाब छरिया सत्संग भवन पर 5 से 11 मई तक प्रतिदिन शाम 5 से 8 बजे तक माँ नर्मदा चिंतन ज्ञान यज्ञ का आयोजन पहली बार हो रहा है जिसमें शुभारंभ अवसर पर 5 मई को अपराह्न 4 बजे जल संवर्धन के लिए सन्देश देते हुए अनूठी वृक्ष कलश यात्रा मंदिर परिसर में निकाली जाएगी। बुधवार 6 मई को कथा में माँ नर्मदा के महात्यम, 7 को माँ भगवती नर्मदा के प्राकट्य उत्सव, 8 को अनेक कल्पों में माँ नर्मदा की लीलाओं का वर्णन, 9 को माँ नर्मदा की परिक्रमा की महिमा, 10 को नर्मदा तट के तीर्थों का वर्णन और सोमवार 11 मई को अवधूत श्री दादागुरु भगवान के आशीर्वचन, दर्शन के पश्चात महाप्रसादी का आयोजन होगा। दादागुरु भगवान रविवार 10 मई को भी कथा में पावन सानिध्य प्रदान करेंगे।

                 आज पूरे होंगे तपस्या के 2027 दिन - अवधूत श्रीदादागुरु भगवान संभवतः देश के पहले ऐसे तपस्वी संत हैं जो पिछले करीब दो हजार दिनों से केवल नर्मदा के जल का पान ही कर रहे हैं और अखंड निराहार महाव्रत की कठोर साधना भी कर रहे हैं। उनकी प्रेरणा से जबलपुर में अनेक विश्व कीर्तिमान भी बन चुके हैं जिनका उल्लेख गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स, लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स सहित अनेक विश्व कीर्तिमानों की श्रृंखला में भी किया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल सहित अनेक जन प्रतिनिधि उनके शिष्यों में शामिल हैं। वे अपने नर्मदा मिशन के माध्यम से नर्मदा किनारे के क्षेत्रों में अनेक अभियान चलाए हुए हैं जिनसे अब तक हजारों युवा व्यसनों को छोड़कर माँ नर्मदा की सेवा में समर्पित बन गए हैं। उनकी इस अखंड निराहार व्रत साधना के 2027 दिन मंगलवार 5 मई को पूर्ण हो रहे हैं और इसी दिन से नर्मदा चिंतन ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ होगा।