लघुकथा मन्थन 2026 सम्पन्न जेन ज़ी का लघुकथाओं में प्रवेश लाभप्रद- कान्ता रॉय
लघुकथा मन्थन 2026 सम्पन्न जेन ज़ी का लघुकथाओं में प्रवेश लाभप्रद- कान्ता रॉय
इन्दौर। हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य पर साहित्य की विधा लघुकथा पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा लघुकथा मंथन 2026 का आयोजन रविवार को प्रीतमलाल दुआ सभागार में किया गया। इस सत्र में डॉ. पुरुषोत्तम दुबे एवं कान्ति शुक्ला को जीवन गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।
प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि प्रेस क्लब अध्यक्ष दीपक कर्दम ने कहा कि ‘हिन्दी भाषा राष्ट्र वंदना का स्वर है और इस भाषा के लिए मातृभाषा के माध्यम से जो कार्य किया जा रहा है, वह अनुकरणीय है।’
प्रथम सत्र का विषय समकालीन लघुकथा और जेन ज़ी का सहभाग पर सत्र की अध्यक्षता कर रहीं लघुकथा केंद्र भोपाल की संस्थापक कान्ता रॉय ने कहा कि ‘एक ओर लघुकथा जो छोटी काया में बड़ी बात कहती है और दूसरी ओर तेज़ गति से विकसित होते जेन ज़ी हैं। यह नवाचार का अद्भुत समन्वय है। जेन ज़ी को मोबाइल की पीढ़ी कहना अधूरी बात है, क्योंकि हर पीढ़ी अपने समय से निर्मित होती है। वर्तमान के लघुकथाकार जेन ज़ी को भी समझें और मनुष्य की साइकोलॉजी को भी समझें। जेन ज़ी का लघुकथा विधा में प्रवेश बहुत लाभप्रद है।’
सम्मानमूर्ति डॉ. पुरुषोत्तम दुबे ने विषय पर कहा कि ‘हमें हर पीढ़ी से जुड़ना चाहिए, लेखन के लिए जेन ज़ी के प्रति कटुता ख़त्म करें। विसंगतियों का अध्ययन कर उन्हें हटाएँ। जेन ज़ी की रचनाओं में नवीनता और समाज उपयोगी है। उन्हें पोषित करें, लेखन उनसे जंचवाएँ और नए विचार को सम्मिलित करें। हम अपनी लेखनी को निश्रित करें, तब हम नई पीढ़ी के व्यक्तित्व और कृतित्व को भी शामिल करें।’
साथ ही, सम्मानमूर्ति कान्ति शुक्ला ने संबोधित करते हुए कहा कि ‘साहित्य में जीवन के हर पक्ष का समावेश होता है, उनके कारण ही समाज की जनपक्षधरता का संकेत है। युवाओं से अपेक्षा है कि वह अपनी रचनाओं में सकारात्मक संदेश दें।’
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने दिया। संचालन अंशुल व्यास ने व आभार डॉ. अखिलेश राव ने व्यक्त किया।
दूसरे सत्र में चयनित लघुकथाकारों ने लघुकथा पाठ किया, जिनमें लघुकथा पाठ करने वाले लघुकथाकार हरेराम वाजपेयी, सत्यनारायण मंगल, आशा मानधन्या, जयश्री भार्गव, सुरेखा सिसोदिया, कल्याणी गुप्ता, संध्या राणे, सुधाकर मिश्र, संध्या राणे, विजय सिंह चौहान, विनीता तिवारी, मनमोहन चौरे, डॉ. विद्यावती पाराशर, उषा अरविंद जोशी, शिशिर उपाध्याय आदि रहे।
तृतीय सत्र में प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अरविंद तिवारी व समाजसेवी सत्यनारायण गोयल व प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष संजय त्रिपाठी ने लघुकथाकारों को पुरस्कृत किया।
समापन सत्र की अध्यक्षता कर रहे अरविंद तिवारी ने कहा कि ‘भाषाओं की सेवा आज बहुत आवश्यक है, जो काम इंदौर में हो रहा है, निश्चित रूप से देशभर में रेखांकित हो रहा है।’
श्री गोयल और श्री त्रिपाठी ने संस्थान को शुभकामनाएँ देते हुए हिंदी अभियान की प्रशंसा की।
इस मौके पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नितेश गुप्ता, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. नीना जोशी, वरिष्ठ पत्रकार जयसिंह रघुवंशी, वीरेंद्र बीठरिया, देवेंद्र सिंह सिसौदिया, महेंद्र कुशवाह, पारस बिरला, ऋतु गुप्ता, ऋचा तिवारी, अली रज़ा शेख, तनिष्का भदौरिया, दिनेश तिवारी, लोकेश पाल आदि मौजूद रहे।


