रजत जयंती वर्ष पर मालवा उत्सव मे नए यूनिक शिल्पो का आगमन  मेले मे आज रही चहल-पहल*

रजत जयंती वर्ष पर मालवा उत्सव मे नए यूनिक शिल्पो का आगमन  मेले मे आज रही चहल-पहल*
*रजत जयंती वर्ष पर मालवा उत्सव मे नए यूनिक शिल्पो का आगमन  मेले मे आज रही चहल-पहल*
  *गरबा रास, पनिहारी, गोफ रास ,अहिराई लाठी, सिद्धि धमाल, गुस्सादी ,गेडी, भरतनाट्यम कत्थक से सजी शाम*
*मालवी एवं परंपरागत देश के व्यंजन कर रहे लोगो को आकर्षित*
इंदौर। मालवा उत्सव और इंदौर पहचान बन चुके इस उत्सव का इंतजार वर्ष भर से इंदौर ही नहीं इंदौर के आसपास एवं प्रदेश के लोगों और कला प्रेमी दर्शकों के साथ का शिल्प लोक कलाकारों को भी रहता है। मालवा ही नहीं देश की लोक कला एवं शिल्प कला को समृद्ध करने का कार्य लोक संस्कृति मंच के द्वारा किया जा रहा है ।आज दशहरा मैदान पर दोपहर से ही लोगों की चहल-पहल शुरू हो गई थी।
लोक संस्कृति मंच के संयोजक एवं सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि शिल्प मेला प्रतिदिन सायंकाल 4:00 बजे से प्रारंभ हो रहा है इसमें छत्तीसगढ़ का ब्लैक आयरन शिल्प जिसमें लोहे को पिघला कर पीट-पीटकर हिरण शेर सहित कई प्रकार की महीना कृतियां तैयार की जाती है मिल रहा है राजस्थान के खूबसूरत ब्लैक पॉटरी रीवा का बांस शिल्प एवं असम ,मिजोरम, मेघालय, जम्मू कश्मीर से आए हुए हस्तशिल्प देखने योग्य बन पड़े। हैं साथ ही छत्तीसगढ़ का ब्रास शिल्प भी यहां पर मौजूद है जिसमें बुद्ध ,भगवान शिव की मूर्तियां ,घंटियां सहित कई आर्टिकल मिल रहे हैं वही नागालैंड का ड्राई फ्लावर उत्तर प्रदेश के कालीन महेश्वर की माहेश्वरी साड़ियां यहां पर मौजूद है। लगभग 300 से अधिक शिल्पकार अपनी कला यहां पर प्रदर्शित करने एवं बनाए गए उत्पाद विक्रय करने आए हैं।
*सांस्कृतिक प्रस्तुतियां*
लोक संस्कृति मंच के दीपक लवंगडे  एवं सतीश शर्मा ने बताया कि आज मालवा उत्सव में स्वाति उखले एवं साथियों ने "चटकी चुमकीली हो चंदा' , बोल पर पनिहारी नृत्य प्रस्तुत किया। गुजरात का गोफरास   सौंदर्य प्रधान छठा प्रस्तुत कर गया । कलाकार ने गोफ की सहायता से नृत्य को प्रस्तुत किया। स्थानीय कलाकारों में श्री कृष्ण अवतार की सुंदर भावपूर्ण प्रस्तुति भरतनाट्यम के माध्यम से वर्धा कला संस्थान ने प्रस्तुत किया वही रामायण की प्रस्तुति अपूर्व हर्षित गुप्ता के निर्देशन में की गई वही श्वेता श्रीवास्तव एवं साथियों द्वारा भामाशाह नाटिका का प्रस्तुतीकरण हुआ शिवम नृत्य कला केंद्र द्वारा चार युगों की गाथा पंडित मयंक शर्मा के निर्देशन में ध्रुवी मेहता और साथियों ने जब प्रस्तुत की तो चारों ओर तालियो की गड़गड़ाहट सुनाई दी। छत्तीसगढ़ से आए कलाकारों द्वारा गेडी नृत्य प्रस्तुत किया गोवा अपनी समृद्ध संस्कृति और लोक कलाओं के लिए प्रसिद्ध है उन्हें लोक कलाओं में से एक है कलशी फुगड़ी यह एक पारंपरिक मनमोहन लोक नृत्य है धार्मिक उत्सव त्योहार पर महिलाओं द्वारा किया जाता है महिलाएं रंग-बिरंगे वस्त्र पहनकर खूबसूरत नृत्य करती हुई दिखाई दी जिसमें उन्होंने गोल घेरा बनाकर लय ताल के साथ मंत्र मुग्ध कर दिया। वही तलवार रस में गुजरात के कलाकारों ने तलवार कला का प्रदर्शन किया । गुजरात के कलाकारों द्वारा सिद्ध धमाल नृत्य भी प्रस्तुत किया गया जिसमें उनका कॉस्टयूम एवं मेकअप अफ्रीकन कलचर की याद दिलाता था।अहिराई लाठी नृत्य भी प्रस्तुत किया गया।
*मालवी व्यंजन के साथ परंपरागत व्यंजन भी उपलब्ध है*
 लोक संस्कृति मंच के पवन शर्मा एव रितेश पाटनी ने बताया कि देश के लोगों की स्वाद की पसंद बन चुके मालवा के व्यंजन यहां भी लोगों की खास पसंद बने हुए थे लोग जहां दाल बाटी का लुत्फ उठा रहे थे और मालवा की मटका कुल्फी भी  ठंडक दे रही थी वही गुजरात के व्यंजन भी यहां पर काफी पसंद किए गए मुंबई महाराष्ट्र का बड़ा पाव एवं साउथ इंडियन डोसा इडली भी यहां मौजूद थी।
11 मई के कार्यक्रम
मंच के सचिव दीपक लवांगडे ने बताया कि शिल्प मेला 4:00 से प्रारंभ होगा एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों मे अहीर लाठी भील भगोरिया बधाई बरेदी स्थानीय प्रस्तुतियां होगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशाल गिद्वानी संकल्प वर्मा जुगल जोशी, कपिल जैन लोकेश जायसवाल मनीष सोनी दिलीप जोशी मुकेश पांडे, मोहन राठौर विकास केतले  जुटे हुए हैं।