किन्नर गद्दी पर विशेष पूजा-अर्चना, शहर में अच्छी बारिश के लिए मांगी मन्नतकिन्नर
किन्नर गद्दी पर विशेष पूजा-अर्चना, शहर में अच्छी बारिश के लिए मांगी मन्नतकिन्नर
गद्दी पर विशेष पूजा-अर्चना, शहर में अच्छी बारिश के लिए मांगी मन्नत
किन्नर गद्दी पर विशेष पूजा और भंडारे का आयोजन किया गया
इन्दौर। नंदलालपुरा की प्राचीन किन्नर गद्दी पर विशेष पूजा-अर्चना, शहर में अच्छी बारिश के लिए मांगी मन्नत इंदौर शहर के प्रसिद्ध नंदलालपुरा क्षेत्र स्थित प्राचीन किन्नर गद्दी पर विशेष पूजा और भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी विशेष रूप से मौजूद रहीं। उनके साथ नंदलालपुरा गद्दी की महामंडलेश्वर सोना मंगल नंदगिरी सहित अन्य गद्दीपति किन्नर भी उपस्थित थीं सभी ने इंदौर शहर में कम बारिश की स्थिति को लेकर चिंता जताई और मां भगवती से अच्छी बारिश और शहर की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने मीडिया से कहा ओम नमो नारायण। हम लोग आज नंदलालपुरा की प्राचीन किन्नर गद्दी पर एकत्रित हुए हैं मैं आचार्य महामंडलेश्वर किन्नर अखाड़ा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी और नंदलालपुरा की गद्दीपति के रूप में आप सबसे बात कर रही हूं। मेरे साथ अन्य गद्दीपति भी बैठी हुई हैं हम सभी ने इंदौर के लिए दुआएं की हैं कि भगवती और जगत जननी हमें इस मुश्किल समय में, जब बारिश कम पड़ी है, इस कठिन दौर से अपने आंचल की छांव में रखकर उबार ले जाएं कुंभ की तैयारियों को लेकर उन्होंने बताया कि जनवरी 2027 में हरिद्वार कुंभ है, उसके बाद 2027 में ही नासिक कुंभ और 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होगा। किन्नर अखाड़ा पूरी तैयारी में जुटा हुआ है।
पानी के सवाल पर उन्होंने जनता से अपील की, "हम तो यही दुआ करेंगे कि लोग पानी वेस्ट न करें। जितना चाहिए उतना ही यूज करें और फालतू खर्च न करें। यही हमारा अनुरोध है।"
महामंडलेश्वर सोना मंगल नंदगिरी ने कहा ओम नमो नारायण, जय माता दी। यह नंदलालपुरा का पुराना अखाड़ा है जो नंदलालपुरा में ही स्थित है। यह भंडारा सीमा गुरु के सानिध्य में होता है। हर वर्ष की तरह होता है और आगे भी हर वर्ष चलता रहेगा यह परंपरा हमारी पीढ़ी दर पीढ़ी करती आ रही है, वह हम भी कर रहे हैं और आने वाली हमारी पीढ़ियां भी करती रहेंगी। यह भंडारा कितने सालों से हो रहा है, इसकी गिनती हम नहीं बता सकते, लेकिन इस बार हमने 10 से 12 हजार लोगों के लिए भंडारे का आयोजन रखा है।"इस मौके पर शिमला गुरु, बहुचर नंद गिरी महामंडलेश्वर, पूजा गुरु, झूमर गुरु, गोल्डन गुरु, कल्पना गुरु, और भी सभी किन्नर समाज मौजूद रहे


