।।विडंबना।। धर्मेंद्र श्रीवास्तव,
"इंडियन न्यूज़ अड्डा"
जिला ब्यूरो चीफ़ जिला धार,
विडंबना......!!
कैसी विडंबना है इस देश की, एक ओर सरकार प्रशाशन सिंगल यूज़ प्लास्टिक और प्लास्टर ऑफ पेरिस को लेकर वैज्ञानिक शोध की बात करते हुए इसके उपयोग पर रोक की बात करते हैं,
वहीं दूसरी ओर विभिन्न त्योहारों पर जैसे कि.......,
गणेश उत्सव, नवरात्रि, महोत्सव एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में सरकार के नेता मंत्री विधायक सांसद धड़ल्ले से प्लास्टर ऑफ पेरिस से निर्मित मूर्तियों का वितरण कर सनातनी बन जाते हैं, और बड़े बड़े पंडालों में आरतियों के जजमान बन फूले नहीं समाते है, और जब विसर्जन का समय आता है तब इन्हीं की सरकार के प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी नदियों तालाबों प्राचीन कुएं बावड़ियों के आसपास कृत्रिम गड्डे खोदकर उसमें मूर्तियों के विसर्जन का डोंग करते हैं, और अपनी इति श्री कर लेते हैं।
आप सभी देश वासियों सनातन में आस्था और विश्वास रखने वाले बंधु बांधवों से एक प्रश्न क्या यह सही है?
क्या कृत्रिम गड्डे में प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों के विसर्जन से पर्यावरण दूषित होने से बच जाता हैं।
एक ओर सरकार प्रशाशन सिंगल यूज़ प्लास्टिक और प्लास्टर ऑफ पेरिस पर रोक लगाने के लिए करोड़ो रुपए प्रचार प्रसार पर देश की जनता के टैक्स के रुपयों से खर्च कर रही हैं और दूसरी ओर यह कृत्य।!!!!?
पूर्ण समाचार पढ़कर आप ही बताएं,
यह
"विडंबना"
नहीं तो क्या है।?!
!!
विडंबना!!


