मुरादाबाद के लैंप से ईरानी केसर तक , एक छत के नीचे देश-विदेश की कारीगरी

मुरादाबाद के लैंप से ईरानी केसर तक , एक छत के नीचे देश-विदेश की कारीगरी

मुरादाबाद के लैंप से ईरानी केसर तक , एक छत के नीचे देश-विदेश की कारीगरी

भदोही के कालीन, राजस्थान की संगमरमर कला और अफगानी ड्राई फ्रूट्स भी बने आकर्षण का केंद्र

*इंदौर।* एक ही छत के नीचे देश के अलग-अलग हिस्सों की कारीगरी और विदेशों की खासियतों को देखने का मौका मिले तो यह अनुभव किसी बाजार से कहीं अलग हो जाता है। इंदौर के अभय प्रशाल में चल रहे इंडिया इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर में देश के विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्प, होम डेकोर और पारंपरिक उत्पादों के साथ ईरान, अफगानिस्तान और दुबई से जुड़े उत्पाद भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। यहां हर स्टॉल अपने साथ किसी क्षेत्र की कला, परंपरा या संस्कृति की अलग कहानी लेकर आया है।

मेले के आर्ट एंड क्राफ्ट एवं होम डेकोर सेक्शन में मुरादाबाद के हैंडमेड लैंप्स खास आकर्षण बने हुए हैं। धातु पर बेहद बारीक कटवर्क और नक्काशी से तैयार किए गए इन लैंप्स में रोशनी होने पर दीवारों पर खूबसूरत पैटर्न उभरते हैं। हैंगिंग लैंप, शैंडलियर, फ्लोर लैंप और बेडसाइड लैंप की अलग-अलग डिजाइन यहां देखने को मिल रही हैं। इनकी खासियत मशीन से बने उत्पादों के बजाय हाथ से की गई बारीक कारीगरी है।

मुरादाबाद की ही कारीगरी में लकड़ी की सर्विंग ट्रे और प्लेट्स पर की गई रेजिन आर्ट भी आकर्षण का केंद्र है। हाथ से तैयार किए गए डिजाइन और सजावटी पैटर्न इन उत्पादों को खास रूप देते हैं।

मुंबई से आए स्टॉल पर हैंडमेड म्यूरल, एंटीक क्लॉक और पेंटिंग्स प्रदर्शित की गई हैं। मेटल पर एनामल कोटिंग से तैयार फ्लावर वास और अन्य डेकोरेटिव आइटम भी यहां देखने को मिल रहे हैं।

राजस्थान की व्हाइट मार्बल कला में कारीगरों की महीन नक्काशी देखने को मिलती है। संगमरमर को तराशकर गाय, शेर, हाथी, फव्वारे, देवी-देवताओं की प्रतिमाएं और विभिन्न आकार के शोपीस तैयार किए गए हैं। घर की सजावट से लेकर गार्डन तक के लिए अलग-अलग डिजाइन मौजूद हैं।

भदोही के कालीन अपनी बारीक बुनाई और पारंपरिक डिजाइन के साथ आकर्षण बढ़ा रहे हैं, वहीं सहारनपुर का फर्नीचर अपनी लकड़ी की नक्काशी और नए डिजाइन के लिए लोगों का ध्यान खींच रहा है। पारंपरिक कारीगरी को आधुनिक उपयोग के साथ जोड़ते हुए कई तरह के फर्नीचर यहां प्रदर्शित किए गए हैं।

विदेशी उत्पादों की बात करें तो ईरान की चॉकलेट, शहद और केसर भी मेले में अलग पहचान बना रहे हैं। ईरानी उत्पादों के साथ वहां की खाद्य परंपरा और गुणवत्ता की झलक देखने को मिलती है। वहीं अफगानिस्तान से आए चिलगोजे, ब्लूबेरी, शहतूत और अन्य ड्राई फ्रूट्स लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। दुबई की बाकलावा चॉकलेट, आइसक्रीम और अन्य विदेशी चॉकलेट भी यहां अलग स्वाद का अनुभव करा रही हैं।

मेले में विभिन्न राज्यों के कपड़े, साड़ियां, हैंडीक्राफ्ट, ज्वेलरी और फैशन उत्पादों के साथ किचन से जुड़े सामान, आयुर्वेदिक उत्पाद और वेक्स परफ्यूम जैसे कई अलग-अलग उत्पाद भी देखने को मिल रहे हैं।

आयोजक अनीश अंसारी के अनुसार, मेले में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशी उत्पादों और कारीगरी को भी एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है, ताकि लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों की कला, संस्कृति और उत्पादों को एक ही स्थान पर देखने का अवसर मिल सके।

अभय प्रशाल में चल रहा यह इंडिया इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर 7 सितंबर तक आयोजित होगा। मेले में प्रवेश निःशुल्क है।