एमजीएम मेडिकल कॉलेज में साहित्यिक गतिविधियों को मिलेगा नया आयाम
*एमजीएम मेडिकल कॉलेज में साहित्यिक गतिविधियों को मिलेगा नया आयाम*–
*एमजीएम लिटरेरी क्लब’ की प्रथम बैठक संपन्न*
चिकित्सा के साथ साहित्य, कला, संस्कृति एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने की अनूठी पहल*
इंदौर,। महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (एमजीएम मेडिकल कॉलेज), इंदौर में चिकित्सा शिक्षा एवं शोध के साथ-साथ साहित्यिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए ‘एमजीएम लिटरेरी क्लब’ (MGM Literary Club) की प्रथम बैठक का आयोजन मेडिकल एजुकेशन यूनिट में किया गया।
इस पहल का उद्देश्य मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों, प्राध्यापकों, चिकित्सा विद्यार्थियों, रेजिडेंट डॉक्टर्स एवं अन्य कर्मचारियों को एक ऐसा साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहाँ वे चिकित्सा के व्यस्त एवं चुनौतीपूर्ण कार्यक्षेत्र से समय निकालकर अपनी साहित्यिक अभिरुचियों, रचनात्मक सोच एवं कलात्मक प्रतिभा को अभिव्यक्त कर सकें।
क्लब के संरक्षक डॉ राज कुमार माथुर और संयोजक डॉ अपूर्व पुराणिक को चुना गया ।
चेयरमैन डीन डा अरविंद घंघोरिया रहेंगे ऐवम सदस्य डॉ अंकुर माहेश्वरी डॉ अखिलेश तोमर dr महेश खचरिया डाॅ रोहित बडेरिया , डॉ मनीष गोयलश्री भावेश उपाध्याय रहेंगे
*साहित्य और चिकित्सा का अनूठा संगम*
चिकित्सक अपने दैनिक कार्यों में अनेक प्रकार के मानवीय अनुभवों, संघर्षों, भावनाओं और जीवन की परिस्थितियों से रूबरू होते हैं। इन अनुभवों को साहित्य, कविता, कहानी, संस्मरण एवं लेखन के माध्यम से अभिव्यक्त करना न केवल व्यक्तिगत रचनात्मकता को प्रोत्साहित करता है, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता को भी मजबूत बनाता है।
एमजीएम लिटरेरी क्लब इसी सोच को साकार करने का प्रयास है। क्लब के माध्यम से चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों को अपनी साहित्यिक प्रतिभा को निखारने, अपने विचार साझा करने तथा एक-दूसरे की रचनात्मक अभिरुचियों से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
क्लब की प्रस्तावित गतिविधियाँ
क्लब के अंतर्गत भविष्य में विभिन्न साहित्यिक एवं रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित करने की योजना है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
1. नियमित काव्य गोष्ठी एवं कविता पाठ।
2. हिंदी एवं अंग्रेजी साहित्य पर परिचर्चा।
3. कहानी, लेख, निबंध एवं संस्मरण लेखन।
4. पुस्तक समीक्षा एवं पुस्तक चर्चा।
5. साहित्यकारों एवं प्रतिष्ठित लेखकों के साथ संवाद।
6. रचनात्मक लेखन एवं अभिव्यक्ति कार्यशालाएँ।
7. चिकित्सा साहित्य, मेडिकल ह्यूमैनिटीज एवं मानवीय संवेदनाओं पर विशेष चर्चा।
8. विद्यार्थियों एवं चिकित्सकों की मौलिक रचनाओं का प्रकाशन एवं प्रस्तुतीकरण।
9. साहित्य, संगीत, कला एवं संस्कृति से जुड़ी गतिविधियाँ।
*विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण विकास में भी होगा सहायक - डीन डाक्टर अरविंद घनघोरिया*
*डीन एमजीएम मेडिकल कॉलेज डाक्टर अरविंद घनघोरिया* ने कहा की एमजीएम लिटरेरी क्लब की एक महत्वपूर्ण भूमिका मेडिकल विद्यार्थियों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी होगी। मेडिकल शिक्षा अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं प्रतिस्पर्धात्मक होती है। लंबे अध्ययन के घंटे, परीक्षाओं का दबाव, क्लीनिकल जिम्मेदारियाँ, भविष्य की चिंताएँ तथा व्यक्तिगत एवं पारिवारिक अपेक्षाएँ कई बार विद्यार्थियों में तनाव, चिंता (Anxiety), अवसाद (Depression), अकेलेपन एवं भावनात्मक थकान जैसी समस्याओं का कारण बन सकती हैं।
*डीन घनघोरिया* ने कहा क्लब का कार्य मेडिकल की पढ़ाई के साथ-साथ या मेडिकल प्रैक्टिस के साथ साथ मनोवैज्ञानिक और साहित्यिक ज्ञान-विज्ञान के डोमेन में भी चिकित्सकों का दखल हो ऐसा प्रयास रहेगा जिससे वे अपने व्यावहार को उत्कृष्ट बनाकर समाज ऐवम परिवार को स्थायित्व दे सके ।
ऐसे में साहित्य, कविता, कहानी, संगीत, कला एवं रचनात्मक लेखन विद्यार्थियों के लिए अपनी भावनाओं और विचारों को सकारात्मक तरीके से व्यक्त करने का एक माध्यम बन सकते हैं। साहित्यिक गतिविधियों में सहभागिता से विद्यार्थियों को मानसिक तनाव कम करने, आत्मविश्वास बढ़ाने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा अपनी भावनाओं को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिल सकती है।
*संयोजक डॉ अपूर्व पुराणिक* ने कहा क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को एक सकारात्मक एवं सहयोगात्मक सामाजिक वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, जहाँ वे अपने विचारों और अनुभवों को बिना किसी संकोच के साझा कर सकें। इससे आपसी संवाद, मित्रता, सामूहिक सहभागिता, सामाजिक जुड़ाव एवं भावनात्मक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, साहित्यिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों में संवाद कौशल, भाषा अभिव्यक्ति, नेतृत्व क्षमता, कल्पनाशीलता, संवेदनशीलता एवं व्यावसायिक व्यवहार (Professional Skills) विकसित करने में भी सहायक होंगी। चिकित्सा के क्षेत्र में एक सफल चिकित्सक बनने के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ मरीजों के प्रति सहानुभूति, प्रभावी संवाद और मानवीय दृष्टिकोण भी अत्यंत आवश्यक हैं।
*क्लब के संरक्षक डॉ राज कुमार माथुर* ने कहा एमजीएम लिटरेरी क्लब का प्रयास रहेगा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई और व्यावसायिक जिम्मेदारियों के साथ अपनी रुचियों को विकसित करने, मानसिक रूप से स्वस्थ रहने तथा जीवन में कार्य और व्यक्तिगत जीवन के बीच बेहतर संतुलन (Work-Life Balance) स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाए।
यह भी महत्वपूर्ण है कि साहित्यिक गतिविधियाँ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के उपचार का विकल्प नहीं हैं, लेकिन ये मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, सकारात्मक सामाजिक जुड़ाव और भावनात्मक सहयोग को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं। आवश्यकता होने पर विद्यार्थियों को योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सहायता लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
*एमजीएम लिटरेरी क्लब का संदेश है*— चिकित्सा से जीवन बचाएँ, साहित्य से जीवन को समझें और रचनात्मकता से जीवन को सुंदर बनाएँ।


